Bihar Student success story: इलेक्ट्रिक दुकान चलाने वाले की बेटी ने किया कमाल, डॉक्टर बनने का सपना लेकर किया टॉप

Bihar Student success story: छात्रा राखी ने सीमित साधनों के बावजूद अपनी शिक्षा का सिलसिला जारी रखा।मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिला टॉपर बनते हुए यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे संसाधनों की कमी भी घुटने टेक देती है।

Electrician Daughter Tops
इलेक्ट्रिक दुकान चलाने वाले की बेटी ने किया टॉप- फोटो : reporter

Bihar Student success story:सियासत के शोर और सिस्टम की पेचीदगियों के बीच एक ऐसी कामयाबी की दास्तान सामने आई है, जिसने उम्मीद और हौसले को नई उड़ान दे दी है। संग्रामपुर प्रखंड की बेटी राखी कुमारी ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिला टॉपर बनते हुए यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन के आगे संसाधनों की कमी भी घुटने टेक देती है।

रामपुर पंचायत के उच्च विद्यालय मंझगांय की छात्रा राखी ने सीमित साधनों के बावजूद अपनी तालीम का सिलसिला जारी रखा। स्कूल के साथ-साथ वह स्थानीय कोचिंग में भी पढ़ाई करती थीं और जब भी किसी सवाल में उलझन होती, तो मोबाइल और इंटरनेट के जरिए खुद ही हल तलाश करती थीं। यह जज्बा ही उनकी कामयाबी का असली राज बन गया।

राखी के पिता  पप्पू जो पप्पू इलेक्ट्रिक नाम से एक छोटी सी दुकान चलाते हैं ने अपनी मेहनत और पसीने से बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया। पंखे और बिजली के सामान की मरम्मत कर घर चलाने वाले इस शख्स ने कभी हालात को अपनी बेटियों के सपनों पर हावी नहीं होने दिया।

चार बच्चों के इस परिवार में राखी की यह कामयाबी किसी इंकलाब से कम नहीं है। बड़ी बहन पहले ही इंटर में प्रथम श्रेणी से पास हो चुकी हैं, लेकिन मंझली बेटी राखी ने जिले में पहला स्थान हासिल कर पूरे खानदान का सर फख्र से ऊंचा कर दिया है। पिता की आंखों में खुशी के आंसू और लबों पर बस एक ही बात आज मुझे अपनी बेटी पर नाज है।

राखी का ख्वाब डॉक्टर बनकर समाज की खिदमत करना है। उनकी यह उपलब्धि सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि उन तमाम बच्चों के लिए पैगाम है जो तंगी और मुश्किल हालात में भी अपने सपनों को जिंदा रखते हैं। यह कहानी बताती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर बंद दरवाजा खुल सकता है और यही है असली कामयाबी की सियासत।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान