डिप्टी CM के दौरे से पहले दस्तावेजों की जलाई गई होली, प्रखंड दफ्तर में रजिस्टर-खतियान जलने का वीडियो वायरल, प्रशासन में मचा हड़कंप

Bihar Documents Burning Case: उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के मुंगेर दौरे से पहले भूमि विवादों पर जन संवाद की तैयारी के दौरान महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज रजिस्टर और खतियान आग के हवाले करते हुए देखा गया।

Docs torched before Dy CM visit office records burnt video v
डिप्टी CM के दौरे से पहले दस्तावेजों की जलाई गई होली- फोटो : reporter

Bihar Documents Burning Case: मुंगेर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जमालपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर से एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया। वीडियो में कथित तौर पर महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज रजिस्टर और खतियान आग के हवाले करते हुए देखा गया। यह पूरा मामला ऐसे वक्त सामने आया है जब उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा के मुंगेर दौरे से पहले भूमि विवादों पर जन संवाद की तैयारी चल रही है।

वीडियो सामने आते ही महकमे में खलबली मच गई और अंचल व प्रखंड कार्यालय सीधे सवालों के घेरे में आ गया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेचैनी और गुस्सा साफ नजर आया। लोगों का कहना है कि जिन कागजातों के लिए वे महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, वही दस्तावेज़ इस तरह जलाए जा रहे हैं ये किसी बड़े खेल की तरफ इशारा करता है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरटीपीएस काउंटर के सामने खुलेआम कागजात जलाए जा रहे थे। लाल कपड़े में बंधे फाइलों को दो महिलाओं द्वारा आग में झोंकते देखा गया। जब मौके पर मौजूद लोगों ने सवाल उठाए तो कर्मचारी और बड़े बाबू कुछ देर के लिए सन्न रह गए। किसी के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था, जिससे शक और गहरा गया।

इस पूरे मामले में जब कर्मचारियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने चुप्पी साध ली। वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रभात रंजन ने खुद को मामले से अनभिज्ञ बताते हुए कहा कि वे फिलहाल क्षेत्र में हैं और लौटकर जांच करेंगे। उधर, मामला जब जिला प्रशासन तक पहुंचा तो एडीएम ने तुरंत बीडीओ को जांच के निर्देश दे दिए।

स्थानीय सियासत भी अब इस मुद्दे पर गर्मा गई है। नेता पप्पू यादव ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि जमालपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय पहले भी विवादों में रहा है, और इस बार मामला बेहद गंभीर है। अब बड़ा सवाल यही है क्या ये महज़ लापरवाही है या फिर किसी बड़े घोटाले के सबूत मिटाने की साजिश? जनता जवाब चाहती है, और निगाहें अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

रिपोर्ट- मो. इम्तियाज खान