NH-139W के रैयतों की जीत, विशेष शिविर में सुलझे सालों पुराने मुआवजे के मामले; अधिकारियों ने किया जमीनी समाधान
मोतिहारी में DLAO अरुण कुमार ने हरसिद्धि अंचल में विशेष शिविर लगाकर NH-139W के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे से जुड़ी दर्जनों रैयतों की समस्याओं का ऑन-स्पॉट निदान किया। अंचल कर्मियों को लापरवाही पर सख्त चेतावनी दी गई। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Motihari - - : एनएच 139W निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे को लेकर अंचल कार्यालय की लापरवाही से परेशान रैयतों के लिए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार ने हरसिद्धि में विशेष शिविर लगाया। शिविर में दर्जनों रैयतों की समस्याओं का तुरंत निपटारा किया गया और अंचल कर्मियों को फटकार लगाई गई।
अंचल कार्यालय की लापरवाही पर DLAO सख्त, रैयतों को राहत
मोतिहारी में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) 139W के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे को लेकर रैयत लंबे समय से परेशान थे। आरोप है कि हरसिद्धि अंचल कार्यालय की लापरवाही के कारण रैयतों को जमीन की रिपोर्ट और कागजात दुरुस्त कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। रैयतों की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (DLAO) अरुण कुमार ने स्वयं संज्ञान लिया। उन्होंने हरसिद्धि अंचल में एक विशेष शिविर लगाकर एनएच 139W परियोजना से प्रभावित रैयतों की मुआवजा भुगतान संबंधी समस्याओं का ऑन-स्पॉट निदान किया। इस दौरान दर्जनों रैयतों के मामले तुरंत सुलझा लिए गए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।
बिना वजह परेशान करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
शिविर के दौरान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने अंचल कार्यालय के कार्यशैली पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अंचल अधिकारी (CO), राजस्व पदाधिकारी (RO) और अन्य कर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि मुआवजे की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। DLAO ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि भविष्य में बिना किसी ठोस वजह के रैयतों को परेशान करने की शिकायत मिली, तो संबंधित दोषी कर्मी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने प्रशासन की मंशा साफ कर दी कि रैयतों को उनका हक समय पर और बिना किसी बाधा के मिलना चाहिए।
5 अंचलों में NH-139W के लिए भू-अर्जन प्रक्रिया तेज
पूर्वी चंपारण जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-139W का निर्माण एक अत्यंत महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना है। इसके लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया निरंतर प्रगति पर है। जिला प्रशासन के अनुसार, यह परियोजना जिले के कुल 5 अंचलों और 45 मौजों (गाँवों) में संचालित की जा रही है। परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए जमीन अधिग्रहण और रैयतों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। हरसिद्धि में आयोजित विशेष शिविर इसी त्वरित निष्पादन रणनीति का एक हिस्सा था।
शिविर में बड़ी संख्या में रैयतों की भागीदारी और कागजातों का संकलन
हरसिद्धि अंचल में आयोजित इस विशेष शिविर में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अरुण कुमार के अलावा अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (ADLAO), स्थानीय CO, RO, कानूनगो सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। शिविर में बड़ी संख्या में प्रभावित रैयतों ने भाग लिया। उन्होंने भूमि से संबंधित अपने आवश्यक दस्तावेज़ और अभिलेख (जैसे खतियान, रसीद, वंशावली आदि) जमा किए। पदाधिकारियों ने रैयतों की समस्याओं और जिज्ञासाओं को सुना और मौके पर ही उनका वैधानिक समाधान किया। इस पहल से भू-अर्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
भविष्य में भी जारी रहेंगे ऐसे शिविर, प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रैयतों को समयबद्ध मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने और जटिल प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए ऐसे विशेष शिविरों का आयोजन भविष्य में भी अन्य प्रभावित अंचलों में जारी रहेगा। पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने सभी संबंधित रैयतों से अपील की है कि वे आगामी शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लें। रैयत अपने आवश्यक अभिलेख (Document) समय पर उपलब्ध कराएं, ताकि भू-अर्जन की प्रक्रिया को शीघ्र और निर्बाध रूप से पूर्ण किया जा सके और उन्हें उनके हक की राशि जल्द से जल्द मिल सके।
रिपोर्ट - हिमांश मिश्रा