Bihar News : मोतिहारी में सरकारी राशि की लूट पर एक्शन, तत्कालीन EO अजय कुमार पर शुरू हुई विभागीय कार्रवाई, जानिए क्या है पूरा मामला

Bihar News : मोतिहारी में डीएम की जांच में सरकारी राशि की लूट का खुलासा हुआ है. जिसमें तत्कालीन EO अजय कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है......पढ़िए आगे

Bihar News : मोतिहारी में सरकारी राशि की लूट पर एक्शन, तत्का
तत्कालीन EO पर विभागीय कार्रवाई - फोटो : MANIBHUSHAN

MOTIHARI : बिहार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने मोतिहारी के पकड़ीदयाल नगर पंचायत के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी (EO) और वर्तमान में गोपालगंज नगर परिषद के EO अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने डीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन पर वित्तीय अनियमितता और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोपों में अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है।

नियमों को ताक पर रखकर हुआ 'खेल'

पकड़ीदयाल नगर पंचायत में तैनाती के दौरान अजय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने विभाग के नियमों को ताक पर रखकर 15 गैर-महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन किया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन योजनाओं के लिए कोई टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। सरकारी राशि के इस खुले दुरुपयोग और वित्तीय लूट की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच बैठाई गई थी।

DM की जांच रिपोर्ट ने खोली पोल

भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर नगर विकास विभाग ने मोतिहारी डीएम को जांच के निर्देश दिए थे। पकड़ीदयाल डीसीएलआर और पथ निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता की संयुक्त टीम ने इन आरोपों की गहराई से जांच की। जांच में पाया गया कि योजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितता बरती गई है और बिना टेंडर के ही कार्य कराए गए। डीएम की इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।

अपर निदेशक ने गठित किया आरोप पत्र

नगर विकास एवं आवास विभाग के परियोजना पदाधिकारी सह अपर निदेशक उमाकांत पांडेय ने इस मामले में अवर सचिव (योजना एवं विकास विभाग, पटना) को पत्र लिखकर अजय कुमार पर विधिवत आरोप पत्र गठित करने की बात कही है। विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अनुशासनिक कार्रवाई के तहत उन पर शिकंजा कसा जाएगा।

प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप

वर्तमान में गोपालगंज नगर परिषद में कार्यरत होने के कारण इस कार्रवाई का असर वहां भी देखने को मिल रहा है। बिना टेंडर के सरकारी खजाने को चूना लगाने के इस खुलासे के बाद अन्य अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। विभाग अब उन ठेकेदारों और अन्य कर्मियों की भी पहचान कर सकता है जो इस बंदरबांट में शामिल थे।

हिमांशु की रिपोर्ट