Bihar News : बिना सड़क नदी और चंवर में बना दीं 4 पुलिया; बिहार के मोतिहारी में मनरेगा के 'अनोखे खेल' का भंडाफोड़

Bihar News : बिना सड़क नदी और चंवर में बना दीं 4 पुलिया; बिह
मनरेगा का कमाल - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : जो काम दूसरे राज्यों में संभव नहीं, वो बिहार कर के दिखाता है। मोतिहारी में ऐसा ही खेल हुआ है। मनरेगा योजना से बीच चंवर में जहाँ कोई रास्ता ही नहीं है वहां लाखों की सरकारी राशि खर्च कर चार पुलिया तो बना दिया गया, पर आज तक सड़क नहीं बनी। मनरेगा योजना में अफसर और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से गजब का खेल हुआ है। मनरेगा का पैसा लूटने का गजब का फार्मूला तैयार किया गया। नदी की पेटी में बिना सड़क के ही लाखों खर्च कर चार-चार पुलिया का निर्माण हो गया।

पुलिया निर्माण का वीडियो व फोटो देखकर कोई भी चौंक जायेगा। यह मामला मोतिहारी जिले के केसरिया प्रखंड क्षेत्र के ठेकहां पंचायत का है। वार्ड 04 और 11 में गंडक नदी की पेटी में मनरेगा योजना के तहत बनाये गए चार पुलिया का फोटो वीडियो बना चर्चा का विषय बना हुआ है। चंवर में जहां न कोई रास्ता है,न वहां पुलिया की कोई आवश्यकता , वहां लाखों खर्च कर पुलिया का निर्माण करा दिया गया। 

बताया जाता है कि कार्य मनरेगा योजना के तहत हुआ है। स्थानीय लोग अधिकारी और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत की बात कह रहे केसरिया प्रखंड के ढेकहां पंचायत के वार्ड संख्या 4 स्थित मझरिया गांव में नदी की पेटी के भीतर बनाया गया दो पुलिया की तस्वीर सामने आई है। इनमें से एक पुलिया ऐसे स्थान पर निर्मित है, जहां कोई सड़क-रास्ता नहीं है, वह क्षेत्र नदी का हिस्सा माना जाता है। वहीं दूसरे पुलिया के निर्माण में ईंट से तैयार गिट्टी का उपयोग किए जाने से इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। वही  इसी पंचायत के वार्ड 11 में भी दो पुलिया बनाए गए हैं, जिनमें एक गाइड बांध के समीप नदी क्षेत्र में तथा दूसरा सत्तरघाट माई स्थान के पास स्थित है।

न्यूज़4नेशन पर खबर चलने के बाद मनरेगा विभाग के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि मामला को रफा दफा करने में जुटे है। अनोखा मॉडल पर भारी फजीहत होने पर रातोरात नदी के पेटी और चेवर में बने पुलिया पर रस्ता का रूप दिखाने के लिए जेसीबी से मिट्टी भराई किया जा रहा है। सवाल उठता है की बिना सड़क या रास्ता के किस जेई द्वारा पुलिया निर्माण का स्टीमेट बनाया गया। किस अधिकारी द्वारा इस योजना की स्वकृति दी गयी और कैसे लाखो लाख का भुगतान किया गया। दबी जुबान ग्रामीणों में कई प्रकार का चर्चा चल रहा है।

हिमांशु की रिपोर्ट