बिहार शराबबंदी पर सवाल: शराब माफिया की दबंगई से दहला कटिहार, आगजनी और गोलीबारी के बाद गांव छावनी में तब्दील

बिहार के कटिहार (कदवा) में शराब माफिया सुनील साह ने मामूली विवाद में 3 लोगों को गोली मार दी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपी के घर और 8 वाहनों में आग लगा दी। आईजी और एसपी ने घटनास्थल का दौरा किया, अब तक 13 लोग गिरफ्तार।

बिहार शराबबंदी पर सवाल: शराब माफिया की दबंगई से दहला कटिहार,

कटिहार जिले के कदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत भोगांव में एक मामूली सड़क दुर्घटना ने हिंसक रूप ले लिया। वार्ड सदस्य बबलू सिंह और शराब माफिया सुनील साह के बीच हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी सुनील साह ने अपने घर के अंदर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। करीब 7-8 राउंड हुई इस गोलीबारी में 11 वर्षीय बच्ची अनुष्का कुमारी, 60 वर्षीय जानकी देवी और एक युवक प्रीतम कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।


आक्रोशित ग्रामीणों का तांडव: घर और 8 वाहन फूंके

जैसे ही गोलीबारी में तीन लोगों के घायल होने की खबर फैली, ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में इकट्ठा हुए लोगों ने आरोपी सुनील साह के घर को घेर लिया। भीड़ ने न केवल घर में तोड़फोड़ की, बल्कि परिसर में खड़े 8 वाहनों को आग के हवाले कर दिया। जलने वाले वाहनों में 6 मोटरसाइकिलें, एक ऑटो और एक कार शामिल है। मौके पर पहुंची पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।


शराब तस्करी का काला साम्राज्य और पुलिस की दबिश

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुनील साह का घर अवैध शराब का अड्डा बना हुआ था। जब्त किए गए वाहनों का इस्तेमाल शराब की तस्करी के लिए किया जाता था। यह भी चर्चा है कि वह कर्ज न चुका पाने वाले लोगों के वाहन जबरन हथिया लेता था। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद इस तरह के अवैध कारोबार की बात सामने आने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


आईजी और एसपी ने किया घटनास्थल का मुआयना

घटना की गंभीरता को देखते हुए पूर्णियां रेंज के आईजी डॉ. विवेकानंद और कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने खुद भोगांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। आईजी ने पुष्टि की कि आरोपी सुनील साह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी शराब तस्करी के 4-5 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने अब आरोपी की अवैध संपत्ति को बीएनएस की धारा 107 के तहत जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


गिरफ्तारियां: दोनों पक्षों पर गिरी गाज

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। गोलीबारी के मुख्य आरोपी सुनील साह और उसके परिवार के तीन सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, दूसरी ओर कानून हाथ में लेने और आगजनी करने के आरोप में 9 ग्रामीणों को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज और स्थानीय इनपुट का सहारा ले रही है।


गांव में तनाव: पुलिस छावनी में तब्दील हुआ भोगांव

फिलहाल सभी घायलों का इलाज पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के लिहाज से भोगांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है ताकि दोबारा कोई हिंसक झड़प न हो। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच गांव में सन्नाटा पसरा है और वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।