'री-एडमिशन की आड़ में हो रही वसूली, क्योंकि मालिक तो खुद विधायक हैं' भाई वीरेंद्र ने सरकार और शिक्षा माफिया के गठजोड़ को किया बेनकाब

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने बिहार के निजी स्कूलों में री-एडमिशन और किताबों के नाम पर हो रही लूट को लेकर सरकार पर हमला बोला. उन्होंने एनडीए नेताओं पर स्कूल-अस्पताल के जरिए जनता को लूटने का आरोप लगाया.

'री-एडमिशन की आड़ में हो रही वसूली, क्योंकि मालिक तो खुद विध

  • Katihar - बिहार के निजी स्कूलों में री-एडमिशन और अन्य शुल्कों के नाम पर मची 'लूट' पर राजनीति गरमा गई है। राजद के वरिष्ठ नेता भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया है कि सत्तापक्ष के रसूखदार लोग ही इन संस्थानों को चला रहे हैं, इसलिए सरकार मौन है।

  • शिक्षा माफिया और सरकार की 'मिलीभगत'

बिहार के निजी स्कूलों में नए सत्र के साथ ही री-एडमिशन, किताबों, कॉपियों और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों की जेब ढीली की जा रही है। इस मुद्दे पर राजद के दिग्गज नेता और लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भाई वीरेंद्र ने नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया है। कटिहार पहुंचे भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह सब सरकार की नाक के नीचे हो रहा है और प्रशासन 'टुकुर-टुकुर' देख रहा है। उन्होंने इसे पूरी तरह से सरकार और शिक्षा माफिया की मिलीभगत करार दिया।

"NDA के नेता ही चला रहे स्कूल और अस्पताल"

भाई वीरेंद्र ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एनडीए (NDA) के अधिकांश रसूखदार नेता और विधायक खुद निजी स्कूल और निजी अस्पताल संचालित कर रहे हैं। यही कारण है कि इन संस्थानों की मनमानी पर कोई लगाम नहीं लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोग दोनों हाथों से जनता को लूटने का काम कर रहे हैं, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है।

री-एडमिशन के नाम पर हो रही अवैध वसूली

राजद नेता ने री-एडमिशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक बार दाखिला होने के बाद हर साल दोबारा प्रवेश शुल्क लेना तर्कहीन है। सामान्य प्रक्रिया में केवल मासिक या वार्षिक फीस बढ़ाई जा सकती है, लेकिन बिहार में निजी स्कूल फिर से नामांकन के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं के संरक्षण में यह खेल फल-फूल रहा है।

"हमारी सरकार आई तो तुरंत बंद होगी लूट"

भाई वीरेंद्र ने सरकार से इस मामले में अविलंब हस्तक्षेप करने और कठोर निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि "बिहार में जब हमारी (राजद) सरकार बनेगी, तो हम सबसे पहले निजी स्कूलों और अस्पतालों में चल रही इस संगठित लूट को बंद कराएंगे।" उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को व्यापार बनाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

कटिहार में लोक लेखा समिति की बैठक

बता दें कि भाई वीरेंद्र आज कटिहार में लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष के तौर पर विभागीय समीक्षा बैठक में भाग लेने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के कई ज्वलंत मुद्दों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की, लेकिन निजी स्कूलों की मनमानी का मुद्दा सबसे ऊपर रहा। उनके इस बयान के बाद अब बिहार की राजनीति में निजी संस्थानों के नियमन को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है।

Report - shayam