Bihar News : कैमूर में अंधविश्वास ने ली महिला की जान: सर्पदंश के बाद परिजन कराते रहे झाड़-फूंक, 4 माह की मासूम के सिर से उठा मां का साया

Bihar News : कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में जहरीले सांप के काटने के बाद अंधविश्वास से एक महिला की मौत हो गई.....पढ़िए आगे

Bihar News : कैमूर में अंधविश्वास ने ली महिला की जान: सर्पदं
अन्धविश्वास ने ली महिला की जान - फोटो : DEVBRAT

KAIMUR : जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहम्मदपुर गांव में अंधविश्वास और समय पर इलाज न मिलने के कारण एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान अखिलेश बिंद की पत्नी कृष्णावती देवी के रूप में हुई है। जहरीले सांप के डसने के बाद परिजन अस्पताल जाने के बजाय अंधविश्वास के चक्कर में पड़ गए, जिसके चलते समय रहते महिला को चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी और उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, कृष्णावती देवी रात में खाना खाने के बाद अपने घर में सो रही थीं। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। सांप के काटने की जानकारी मिलते ही परिजन घबरा गए, लेकिन वे मरीज को तुरंत सदर अस्पताल ले जाने के बजाय भदौरा गांव स्थित 'अंवमा की सत्ती माता' के स्थान पर झाड़-फूंक कराने ले गए। परिजनों को उम्मीद थी कि तांत्रिक क्रिया और झाड़-फूंक से जहर उतर जाएगा और महिला ठीक हो जाएगी।

डॉक्टरों ने मृत घोषित किया, मासूम बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल

काफी समय बीत जाने के बाद भी जब महिला की हालत बिगड़ती चली गई, तब परिजनों की चेत फिरी। आनन-फानन में परिजन उसे भभुआ सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सबसे हृदयविदारक स्थिति यह है कि मृतका की महज 4 महीने की दूधमुंही मासूम बच्ची है, जिसके सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठ गया है।

भभुआ विधायक ने दिया सांत्वना, सरकारी सहायता की मांग

कृष्णावती देवी के पति अखिलेश बिंद पेशे से मजदूर हैं और मजदूरी करके ही अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही भभुआ विधायक भरत बिंद सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए जिला प्रशासन और बिहार सरकार से पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि मासूम बच्ची के लालन-पालन में मदद मिल सके।

अंधविश्वास छोड़ अस्पताल पहुंचने की अपील

स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन लगातार ग्रामीण इलाकों में अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करता रहा है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में कीमती समय बर्बाद न करें। सांप काटने के बाद शुरुआती 'गोल्डन आवर' में एंटी-वेनम (Anti-Venom) इंजेक्शन मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास पर भरोसा कब खत्म होगा, ताकि इस तरह की अकाल मौतों को रोका जा सके।

देवब्रत की रिपोर्ट