बिहार के गांवों को 'स्मार्ट विलेज' बनाने का संकल्प: भोला बाबू ने जहानाबाद में सामुदायिक भवनों का किया उद्घाटन

अरिस्टो फार्मा के चेयरमैन भोला बाबू ने जहानाबाद में सामुदायिक भवनों का किया उद्घाटन। 400 गांवों को गोद लेकर विकास की नई इबारत लिख रहे हैं भोला बाबू।

बिहार के गांवों को 'स्मार्ट विलेज' बनाने का संकल्प: भोला बाब

Jahanabad - अरिस्टो फार्मा के एमडी भोला बाबू ने बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। इसी कड़ी में आज जहानाबाद क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों में उन्होंने नवनिर्मित सामुदायिक भवनों का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि भोला बाबू अब तक बिहार के 400 से अधिक गांवों को गोद ले चुके हैं, जहाँ सीएसआर (CSR) फंड के माध्यम से विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

"मिट्टी का कर्ज चुकाना ही एकमात्र लक्ष्य"

मीडिया से बातचीत के दौरान भोला बाबू भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, "मेरा जन्म इसी मिट्टी में हुआ है, यहीं से मुझे शिक्षा मिली है और इसीलिए मेरा एकमात्र मकसद बिहार के गांवों का विकास करना है"। उन्होंने आगे कहा कि वह स्वयं ग्रामीण परिवेश से रहे हैं, इसलिए उन्हें गांवों की समस्याओं और वहां विकास की जरूरत का गहरा अहसास है।

बिहार के उद्योगपतियों से 'सीएसआर फंड' को लेकर अपील

भोला बाबू ने इस बात पर चिंता जताई कि कई उद्योगपति बिहार से बड़ा व्यवसाय और मुनाफा कमाते हैं, लेकिन अपने सीएसआर (CSR) फंड को राज्य के विकास में खर्च नहीं करते। उन्होंने अन्य उद्योगपतियों से अपील की कि वे भी आगे आएं और राज्य की प्रगति में अपना योगदान दें। उन्होंने बताया कि वह लगातार अन्य इंडस्ट्रियलिस्ट्स के साथ संपर्क में हैं ताकि बिहार में अधिकतम निवेश और उद्योग लाए जा सकें।

राजनीति पर कहा- "मेरा लक्ष्य केवल विकास है"

जब उनसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और उनके स्वयं के राजनीति में आने की संभावनाओं पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही संतुलित जवाब दिया। भोला बाबू ने स्पष्ट किया, "मेरा मोटिव केवल विकास है, राज्यसभा जाना नहीं। फिलहाल मेरा राजनीति में आने का कोई विचार नहीं है।

रिपोर्ट - अभिजित सिंह