Bihar News: सदर अस्पताल के औचक निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, DM के छापे में गायब मिले डॉक्टर,संदिग्ध हस्ताक्षर से मचा हड़कंप

Bihar News:डीएम के अचानक पहुंचते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और जो तस्वीर सामने आई, उसने स्वास्थ्य सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।..

Surprise Inspection at Gopalganj Sadar Hospital
गैरहाजिर डॉक्टरों को सख्त चेतावनी - फोटो : reporter

Bihar News:डीएम के अचानक पहुंचते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और जो तस्वीर सामने आई, उसने स्वास्थ्य सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के औचक निरीक्षण ने सदर अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान डीएम ने साफ-सफाई, डॉक्टरों की मौजूदगी, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और अलग-अलग विभागों की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। इस दौरान कई खामियां उजागर हुईं, जिन पर डीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह 9 बजकर 20 मिनट तक कई डॉक्टर ओपीडी में मौजूद ही नहीं थे। मरीज लंबी कतार में खड़े इंतजार करते रहे, लेकिन डॉक्टरों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। इस पर डीएम ने तीखी नाराजगी जताते हुए कहा कि मरीजों का समय सबसे कीमती है और इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है। यही नहीं, जब उपस्थिति पंजी की जांच की गई तो कुछ कर्मियों के हस्ताक्षर संदिग्ध पाए गए। आशंका जताई जा रही है कि कुछ डॉक्टर ड्यूटी पर आए बिना ही किसी और से साइन करवा देते हैं। इस खुलासे ने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि पहले भी समीक्षा में यह सामने आया था कि अस्पताल में मरीजों का वेटिंग पीरियड काफी ज्यादा है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह औचक निरीक्षण किया गया, ताकि जमीनी हकीकत सामने आ सके। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर इलाज, बेहतर सुविधाएं और साफ-सुथरा माहौल हर हाल में उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि अगर किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी और जो भी जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जिसे वे जिंदगी भर याद रखेंगे। फिलहाल डीएम के इस सख्त एक्शन के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वाकई इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा, या फिर यह मामला भी कागजों तक सिमट कर रह जाएगा।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा