केस की पैरवी बनी जान की दुश्मन: अधिवक्ता पर हमले के पीछे कानूनी रंजिश, एसडीपीओ ने की पुष्टि

Law enforcer attacked in Gopalganj Civil court advocate stab
केस की पैरवी बनी जान की दुश्मन: अधिवक्ता पर हमले के पीछे कानूनी रंजिश, एसडीपीओ ने की पुष्टि- फोटो : news 4 nation

बिहार के गोपालगंज जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब कानून के रक्षक भी सुरक्षित नहीं हैं। हथुआ थाना क्षेत्र के नयागांव तुलसिया में अपराधियों ने सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मधुसूदन मिश्रा उर्फ कंचन मिश्रा पर घात लगाकर जानलेवा हमला किया। अपराधियों ने उन पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और वकीलों के बीच भारी रोष व्याप्त है।

बेटी के घर दूध पहुंचाने जा रहे थे अधिवक्ता

जानकारी के अनुसार, मधुसूदन मिश्रा कचहरी का काम निपटाकर वापस लौटे थे और अपनी बेटी के घर दूध पहुंचाने जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में शिवजी उपाध्याय के घर के पास पहले से घात लगाए दो अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। बिना कुछ कहे अपराधियों ने उन पर चाकू से हमला शुरू कर दिया। हमले के बाद अधिवक्ता लहूलुहान होकर गिर पड़े, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया।

हालत नाजुक: सदर अस्पताल से हायर सेंटर रेफर

सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने अधिवक्ता की स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। उनके शरीर पर चाकू के गहरे जख्म होने के कारण खून अधिक बह गया था, जिसे देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया है। वर्तमान में उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल अधिवक्ता का बयान दर्ज किया।

केस लड़ने का विवाद बना हमले की वजह

घायल अधिवक्ता मधुसूदन मिश्रा ने बताया कि यह हमला एक पुराने केस की पैरवी करने से जुड़े विवाद को लेकर किया गया है। हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने भी प्रारंभिक जांच के बाद इसकी पुष्टि की है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था और इसका उद्देश्य अधिवक्ता को नुकसान पहुंचाना था। उन्होंने उन अफवाहों का भी खंडन किया जिनमें पिस्तौल के बट से मारपीट या छिनतई की बात कही जा रही थी।

पुलिस की कार्रवाई और हमलावरों की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि पुलिस अपराधियों के करीब है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस की अलग-अलग टीमें हमलावरों के छिपने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर जिले में अधिवक्ताओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्र