Bihar News : गयाजी में 'ऑपरेशन मुस्कान' से 68 लोगों के चेहरे पर लौटी ख़ुशी, पुलिस ने 20 लाख के लौटाए चोरी और गुम हुए मोबाइल

Bihar News : 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत विशेष अभियान चलाते हुए गया पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी या गुम हुए कुल 68 मोबाइल बरामद उसके असली मालिकों को सौंप दिए......पढ़िए आगे

Bihar News : गयाजी में 'ऑपरेशन मुस्कान' से 68 लोगों के चेहरे
ऑपरेशन मुस्कान से लौटी ख़ुशी - फोटो : MANOJ

GAYAJI : जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिला पुलिस ने  कार्रवाई करते हुए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से गुम या चोरी हुए कुल 68 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद किए गए सभी फोनों को सोमवार को उनके वास्तविक और मूल मालिकों को सौंप दिया गया है। अपने खोए हुए कीमती मोबाइल को वापस पाकर सभी धारकों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।

मोबाइल की कीमत 20 लाख रूपये 

इस संबंध में एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि रिकवर किए गए इन 68 स्मार्टफोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख 50 हजार रुपये है। एसएसपी ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब गया पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई की है। इससे पहले भी पुलिस विभाग द्वारा बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद कर जनता को लौटाए जा चुके हैं। गया पुलिस लगातार इस अभियान पर काम कर रही है और जो भी मोबाइल फोन खो जाते हैं या चोरी हो जाते हैं, उन्हें तकनीकी सर्विलांस की मदद से रिकवर कर असली मालिकों को सौंपने का सिलसिला जारी है।

एसएसपी की जनता से अपील: सनहा जरूर दर्ज कराएं

एसएसपी सुशील कुमार ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है तो वे घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने नजदीकी थाने में जाकर इस संबंध में एक सनहा जरूर दर्ज करवाएं। सनहा दर्ज कराना इस पूरी प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है। मोबाइल धारकों को भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। एसएसपी ने प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि मूल मोबाइल धारक को इस पोर्टल पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें अपने मोबाइल से जुड़ी तमाम जानकारियां मोबाइल का आईएमईआई नंबर मोबाइल का मॉडल नंबर व कंपनी का नाम और थाने में दर्ज कराए गए सनहा की एक कॉपी अपलोड करनी होगी।

असली मालिक को नोटिफिकेशन

एसएसपी ने इसके फायदे बताते हुए कहा कि CEIR पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद, यदि कोई भी अन्य व्यक्ति उस गुम या चोरी हुए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करेगा तो असली मालिक को तुरंत ऑटोमैटिक नोटिफिकेशन मिल जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना तुरंत मिल जाएगी। चूंकि हर स्थानीय थाने के पास अब CEIR का एक्सेस मौजूद है। इसलिए पुलिस के लिए मोबाइल को लोकेट करना और उसे रिकवर करना बेहद आसान हो जाएगा। इस तकनीक की मदद से मोबाइल चोरी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों को पकड़ने और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।

मनोज की रिपोर्ट