गया में खौफनाक वारदात: दहेज की वेदी पर चढ़ी एक और बेटी! हत्या के बाद गुपचुप तरीके से जलाया शव
बिहार के गया जिले के मऊ थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पटना जिले के दुल्हिन बाजार के निवासी राकेश कुमार ने अपनी पुत्री स्वीटी कुमारी की ससुराल वालों द्वारा हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
बिहार के गयाजी जिले के मऊ थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। पटना जिले के दुल्हिन बाजार के निवासी राकेश कुमार ने अपनी पुत्री स्वीटी कुमारी की ससुराल वालों द्वारा हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पिता के अनुसार, स्वीटी की शादी 21 अप्रैल 2024 को मऊ थाना के महुअरी गांव निवासी प्रियरंजन कुमार उर्फ शानू कुमार से हिंदू रीति-रिवाज के साथ हुई थी। शादी के समय करीब 15 लाख रुपये के गहने और नकद दिए गए थे।
5 लाख की अतिरिक्त मांग और प्रताड़ना
शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष के लोग—जिनमें ससुर अनिरुद्ध कुमार, पति प्रियरंजन कुमार, देवर रोहित रंजन, सास मंजू देवी और नानी सास रामबच्ची देवी शामिल हैं—अतिरिक्त 5 लाख रुपये की मांग करने लगे। इसके लिए स्वीटी को मानसिक और शारीरिक रूप से लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पिता ने बताया कि उन्होंने असमर्थता जताई थी, जिस पर ससुराल वालों ने बुरा अंजाम भुगतने की धमकी दी थी।
साक्ष्य मिटाने के लिए शव जलाने का आरोप
पिता का दावा है कि 11 मार्च 2026 की रात 7:45 बजे उनकी बेटी से बात हुई थी, तब वह पूरी तरह स्वस्थ थी। लेकिन 12 मार्च को उन्हें किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से सूचना मिली कि उनकी बेटी की हत्या कर दी गई है और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को गुपचुप तरीके से जला दिया गया है। आरोप है कि इस कृत्य में गांव के ही कुछ अन्य लोगों (विजय सिंह और ओमप्रकाश सिंह) ने भी सहयोग किया ताकि कोई कानूनी सबूत न बचे।
प्रशासन से न्याय की गुहार
पीड़ित पिता ने मऊ थाना अध्यक्ष से इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि घटना की सूचना ससुराल वालों द्वारा परिवार को नहीं दी गई थी। यह मामला न केवल दहेज हत्या (Dowry Death) की ओर इशारा करता है, बल्कि साक्ष्य छिपाने की गंभीर धारा के अंतर्गत भी आता है।