बिहार के मछुआरों के लिए बड़ी सौगात: 5 लाख का मुफ्त बीमा और मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड का एलान, इस जिले में खुला पहला CSC

Bihar Fishermen Free Insurance Scheme - गया में कॉमन सर्विस सेंटर का उद्घाटन। पूर्व मंत्री हरि सहनी ने मछुआरों के लिए 5 लाख के मुफ्त बीमा और मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड की घोषणा की। पढ़ें पूरी खबर।

बिहार के मछुआरों के लिए बड़ी सौगात: 5 लाख का मुफ्त बीमा और मत

Patna -  बिहार के गया जिले में मछुआरा समुदाय के आर्थिक और डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ (COFFED) के तत्वावधान में नगर प्रखंड मत्स्यजीवी सहयोग समिति में भव्य 'कॉमन सर्विस सेंटर' (CSC) का उद्घाटन किया गया। इस केंद्र के माध्यम से अब मछुआरा समाज को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और डिजिटल सेवाओं का लाभ सीधे उनके द्वार पर मिलेगा। कार्यक्रम में राज्य के दिग्गज नेताओं ने मछुआरों के कल्याण के लिए कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं।

5 लाख का बीमा और क्रेडिट कार्ड: हरि सहनी की बड़ी घोषणा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और पूर्व मंत्री हरि सहनी ने मछुआरों के लिए खुशियों का पिटारा खोलते हुए कहा कि अब राज्य के हर मछुआरे का 5 लाख रुपये का मुफ्त बीमा कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य की सभी मछुआ समितियों में कॉमन सर्विस सेंटर खोले जाएंगे ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का भी निबंधन (Registration) हो सके। इसके साथ ही, मछुआरों को वित्तीय मजबूती प्रदान करने के लिए 'मत्स्य किसान क्रेडिट कार्ड' भी निर्गत किए जाएंगे।

डिजिटल क्रांति से जुड़ेगा मछुआरा समाज: डॉ. प्रेम कुमार

बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने इस पहल को मील का पत्थर बताया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर ग्रामीण और मछुआरा समुदाय को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। डॉ. कुमार ने घोषणा की कि सेंटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण और सीएससी किट उपलब्ध कराई जाएगी। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी।

कॉफ्फेड की पहल: प्रशिक्षण और स्वरोजगार पर जोर

बिहार राज्य मत्स्यजीवी सहकारी संघ के प्रबंध निदेशक ऋषिकेश कश्यप ने बताया कि कॉफ्फेड लगातार समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से बीमा और बैंकिंग के अलावा प्रशिक्षण और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉफ्फेड के निदेशकगण और स्थानीय समिति के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और इस पहल को आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में एक जरूरी कदम बताया।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सशक्तिकरण को मिलेगा बढ़ावा

गया के इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले समय में बिहार का मत्स्यजीवी समाज तकनीक से लैस होगा। कार्यक्रम के अंत में मात्स्यिकी सेवाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल साक्षरता बढ़ाने पर विस्तृत जानकारी दी गई। मीडिया प्रभारी गोपी कुमार ने बताया कि यह आयोजन न केवल गया बल्कि पूरे बिहार के मत्स्यजीवी समाज के विकास के लिए एक नई सुबह लेकर आया है।