Bihar School News: स्कूलों की बदहाली पर भड़की विधायक मैथिली ठाकुर,कहा-बच्चों के हक पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Bihar School News: विधायक मैथिली ठाकुर ने अफसरशाही को दो-टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ किसी भी किस्म की कोताही अब हरगिज बर्दाश्त नहीं की जाएगी।...

विधायक मैथिली ठाकुर
विधायक मैथिली ठाकुर का फरमान- फोटो : reporter

Bihar School News: दरभंगा की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई, जब अलीनगर की विधायक मैथिली ठाकुर ने तारडीह प्रखंड के स्कूलों में बदहाल तालीमी इंतज़ामात पर सख्त रुख अख्तियार कर लिया। प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अफसरशाही को दो-टूक लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों की बुनियादी जरूरतों के साथ किसी भी किस्म की कोताही अब हरगिज़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अहम बैठक में विभिन्न महकमों के आला अफसर मौजूद रहे, जहां सरकारी योजनाओं की रफ्तार, जमीनी हकीकत और अवाम से जुड़े मसलों पर तफसील से मंथन हुआ। प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रीति कुमारी, बीपीआरओ खगेन्द्र मोहन, पीएचसी प्रभारी डॉ. सुमंत सिंह और बीसीओ शैलेन्द्र कुमार समेत कई अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की रिपोर्ट पेश की। लेकिन असली मुद्दा तब गरमाया जब शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूलों में बेंच-डेस्क की भारी किल्लत का मसला उठाया।

प्रधान शिक्षक संतोष ठाकुर, शिक्षक प्रवीण कुमार, श्रवण कुमार साहू और रमन कुमार रंजन ने लिखित दरख्वास्त देकर बताया कि प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में बच्चे ज़मीन पर बैठकर तालीम हासिल करने को मजबूर हैं। यह सुनते ही विधायक का तेवर तल्ख़ हो गया और उन्होंने मौके पर ही संबंधित विभाग को सख्त हिदायत जारी कर दी।

विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा,शिक्षा  महज़ एक योजना नहीं, बल्कि मुल्क के मुस्तकबिल की बुनियाद है। अगर बच्चों को बुनियादी सहूलियतें ही मयस्सर नहीं होंगी, तो तरक्की का दावा खोखला साबित होगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द बेंच-डेस्क की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और इसकी निगरानी भी कड़ाई से हो।

उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आई, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी सख्ती जमीनी हकीकत में कितना बदलाव ला पाती है, लेकिन इतना तय है कि इस मुद्दे ने दरभंगा की सियासत में नई बहस को जन्म दे दिया है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर