दरभंगा की बेटी भावना कंठ ने फिर रचा इतिहास, टॉप गन बनने वाली पहली भारतीय महिला फाइटर बनी

Bihar News:भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट भावना कंठ ने देशभर में बिहार के साथ -साथ दरभंगा का नाम रोशन की है।

Bhavika Kanth Becomes First Woman Fighter Pilot to Complete
दरभंगा की बेटी भावना कंठ ने फिर रचा इतिहास- फोटो : reporter

Darbhanga:  जिले घनश्यामपुर प्रखंड के बाउर गांव की बेटी और भारतीय वायुसेना की फाइटर पायलट भावना कंठ ने देशभर में बिहार के साथ -साथ दरभंगा का नाम रोशन की है। कठिन सैन्य प्रशिक्षण और लगातार चुनौतियों के बीच उन्होंने भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित Fighter Combat Leader (FCL) कोर्स को पूरी कर एक नई उपलब्धि अपने नाम हासिल की है। इस उपलब्धि के साथ वह इस स्तर का प्रशिक्षण हासिल करने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। इस उपलब्धि पर पूरे गांव के साथ मिथिलांचल के लोग खुशी के साथ उनको बधाई दे रहें है 

दरअसल दरभंगा के छोटे से  बाउर गांव से निकलकर आसमान की ऊंचाइयों तक पहुंची वेद नारायण कंठ के पुत्री भावना कंठ की कहानी बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। गांव से प्राथमिक शिक्षा  के बाद चूंकि पिता जी बेगूसराय में बिजली विभाग में कार्यरत थे तो वहाँ चली गई माध्यमिक शिक्षा के बाद पटना और दिल्ली में रहकर उच्चतम शिक्षा ग्रहण की वैसे अभी उनकी नई उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतिभा, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।भावना कंठ की यह कामयाबी इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि FCL प्रशिक्षण बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसमें फाइटर पायलटों को हवाई युद्ध की रणनीति, कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने और जटिल युद्धक अभियानों से जुड़ी उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है। इसी वजह से इस स्तर के प्रशिक्षित पायलटों को आम बोलचाल में ‘टॉप गन’ कहा जाता है।

भावना कंठ ने ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट  में 20 सप्ताह का प्रतिष्ठित फाइटर कॉम्बैट लीडर  कोर्स पूरा किया। इसे भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन एडवांस्ड कॉम्बैट कोर्स में गिना जाता है। इस प्रशिक्षण के बाद पायलट जटिल हवाई अभियानों का नेतृत्व करने और फ्रंटलाइन कॉम्बैट टैक्टिशियन के रूप में जिम्मेदारी निभाने के योग्य हो जाते हैं।भावना इससे पहले भी भारतीय वायुसेना में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुकी हैं। वर्ष 2016 में वह देश की शुरुआती महिला फाइटर पायलटों में शामिल हुई थीं। इसके बाद 2019 में उन्होंने लड़ाकू विमान से दिन के समय कॉम्बैट मिशन के लिए योग्यता हासिल कर इतिहास बनाया था।

वहीं इस उपलब्धि पर गांव के लोग काफी खुशी है भावना कंठ के गांव के दादा जी  इस उपलब्धि पर खुशी से फूले नहीं समा रहें है दादा नरेंद्र कुमार दास उर्फ बच्चन ने बताया की हमलोग बचपन से ही जानते है शुरुआती पढ़ाई यहाँ से ही हुआ था प्राथमिक शिक्षा सरकारी विद्यालय से ही प्राप्त की थी फिर आगे की पढ़ाई के लिए बाहर चली गई वैसे पायलट बनने के बाद गांव को नहीं भूली है बराबर पारिवारिक कार्यक्रमों में शरिक होने आती रहती है इस उपलब्धि के बाद तो पूरा देश जानने लगा है वहीं उन्होंने बताया की चूंकि हम लोगों का घर कोशी नदी के दोनों किनारे के बीच है तो पानी और बाढ़ के समय कम ही आती है क्योंकि इस समय यहाँ आने में बहुत तकलीफों का सामना करना पड़ता है उनके पिताजी सब तो पटना में रहते है.वहीं भावना कंठ के चाची किरण देवी ने बताई कि बहुत खुशी की बात है उनकी उपलब्धि पर सब खुश है क्योंकि भावना अपने परोस की सरकारी विद्यालय में शुरुआती की पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए बाहर पापा के पास चली गई वैसे पायलट बनने के बाद तीन से चार बार गांव आई है

TACDE को भारतीय वायुसेना का प्रमुख फाइटर टैक्टिक्स संस्थान माना जाता है और इसकी तुलना अमेरिकी नौसेना के मशहूर 'टॉप गन' कार्यक्रम से की जाती है। यहां पायलटों को एडवांस्ड एयर कॉम्बैट टैक्टिक्स, मिशन प्लानिंग, हवा से हवा और हवा से जमीन पर ऑपरेशन तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में नेतृत्व की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।भावना की इस उपलब्धि पर मिथिलांचल से लेकर पूरे बिहार में गर्व का माहौल है। भारतीय वायुसेना में उनकी लगातार सफलता महिला सशक्तिकरण और देशसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखी जा रही है।

रिपोर्ट- वरुण कुमार ठाकुर