तिरंगे में लिपटा पैतृक गांव पहुंचा जवान का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई

तिरंगे में लिपटा पैतृक गांव पहुंचा जवान का पार्थिव शरीर, सैन
नम आंखों से जवान को दी गई अंतिम विदाई- फोटो : धर्मेंन्द्र रस्तोगी

Chapra : सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र अंतर्गत धर्मपुर जाफर पंचायत के कुआरी गांव में बुधवार देर शाम माहौल उस वक्त गमगीन हो गया, जब भारतीय सेना के जीआरईएफ (GREF) में तैनात हवलदार रामेश्वर राम का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक आवास पहुंचा। जिस घर में परिजन अपने जवान के छुट्टियों में सकुशल लौटने की राह देख रहे थे, वहां उनका शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। जवान के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए कुआरी गांव सहित आसपास के इलाकों से सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा।


हरिद्वार में ड्यूटी के दौरान आया था हार्ट अटैक 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवलदार रामेश्वर राम उत्तराखंड के हरिद्वार में जीआरईएफ (GREF) में कर्तव्य पथ पर तैनात थे। बीते 20 सितंबर को ड्यूटी के दौरान अचानक उन्हें दिल का दौरा पड़ा। स्थिति बिगड़ने पर सैन्य सहयोगियों द्वारा उन्हें तत्काल ऋषिकेश एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसी रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 20 सितंबर की रात परिजनों को जैसे ही इस दुखद घटना की सूचना मिली, पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।


गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल 

पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही रामेश्वर राम की पत्नी मोनिका देवी बेसुध होकर गिर पड़ीं और बार-बार अपने पति को पुकारती रहीं। उनके पुत्रों, पुत्रवधू, बेटी व बहन सहित पूरे परिवार की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। तिरंगे में लिपटे अपने लाल को देखकर उपस्थित ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गईं। गांव की गलियों में 'जय जवान, जय किसान' और 'जब तक सूरज-चांद रहेगा, रामेश्वर तेरा नाम रहेगा' के गगनभेदी नारे गूंज उठे, जिससे पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति और करुणा से भर गया।


सैन्य सम्मान और गार्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम संस्कार 

सेना के जवानों और अमनौर थाने की पुलिस टीम द्वारा संयुक्त रूप से हवलदार रामेश्वर राम के पार्थिव शरीर को 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honor) दिया गया। पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम यात्रा निकाली गई, जो गांव की मुख्य सड़कों से होती हुई नारायणी नदी घाट पहुंची। नारायणी घाट पर शोक संतप्त माहौल के बीच बड़े पुत्र सुरेश राम ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। दिवंगत हवलदार रामेश्वर राम अपने पीछे पत्नी, तीन शादीशुदा पुत्रों और एक शादीशुदा पुत्री का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।


प्रशासनिक अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि 

अंतिम विदाई और दाह संस्कार के दौरान प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। मौके पर अंचलाधिकारी (CO) सुप्रिया कुमारी, थानाध्यक्ष बिमलेश कुमार, राजद जिलाध्यक्ष सुनील राय, बीडीसी प्रतिनिधि पिंटू तिवारी, सरपंच रणधीर कुमार, सरपंच प्रतिनिधि राहुल सिंह, पैक्स अध्यक्ष अनिल यादव, समाजसेवी मनसाद अली और जयप्रकाश शर्मा सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

धर्मेन्द्र की रिपोर्ट