NIA Raid in Saran: कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी के तार, युवक का लैपटॉप-मोबाइल जब्त!
बिहार के सारण (छपरा) में NIA की बड़ी कार्रवाई!मशरक प्रखंड के पचरूखवा गांव में दिल्ली से आई एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घंटों छापेमारी की.कंबोडिया से लौटे सदाकत अंसारी नामक युवक से लंबी पूछताछ हुई है और उसका लैपटॉप-मोबाइल सील कर दिया
बिहार के सारण जिले के मशरक प्रखंड अंतर्गत सोनौली पंचायत स्थित पचरूखवा गांव में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दिल्ली से पहुंची राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने अचानक धावा बोल दिया. स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक संदिग्ध मकान की घेराबंदी कर की गई इस छापेमारी से पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए और घटनास्थल के आसपास जमा हो गए.
संदिग्ध सदाकत से घंटों पूछताछ, मोबाइल और लैपटॉप सील
जांच एजेंसी की टीम ने गांव के निवासी निजाम अंसारी के घर को चारों तरफ से घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान निजाम अंसारी के बेटे सदाकत अंसारी को हिरासत में लेकर कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई. एनआईए की टेक्निकल टीम ने सदाकत के मोबाइल फोन और लैपटॉप की बारीकी से जांच की. जांच पूरी होने के बाद टीम ने साक्ष्य के तौर पर दोनों इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मौके पर ही सील कर दिया और अपने साथ ले गई.
कंबोडिया कनेक्शन और मानव तस्करी के तार जुड़ने की आशंका
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सदाकत अंसारी पिछले कुछ समय से कंबोडिया में रहकर काम करता था. कंबोडिया का नाम सामने आने के बाद इलाके में यह चर्चा तेज है कि यह पूरी कार्रवाई मानव तस्करी (Human Trafficking) से जुड़े एक बड़े अंतर्राज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के संभावित संबंधों को लेकर की जा रही है. हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए एनआईए के अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे रहस्य और गहरा गया है.
भारी सुरक्षा बल तैनात, आधिकारिक खुलासे का इंतजार
छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मशरक थानाध्यक्ष उज्जवल कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद रहे. एनआईए की इस बड़ी कार्रवाई के बाद से पूरे सारण जिले में तरह-तरह की चर्चाएं और उत्सुकता बनी हुई है. फिलहाल ग्रामीणों से लेकर स्थानीय प्रशासन तक सभी की नजरें केंद्रीय एजेंसी की आगामी कार्रवाई और इस मामले में होने वाले आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं.
रिपोर्ट - धर्मेन्द्र रस्तोगी