Bihar News : राजपूत समाज को महत्व नहीं दे रही भाजपा...सारण सांसद राजीव प्रताप रूडी ने अपनी पार्टी पर उठाये सवाल, कहा-राजपूतों को किसी नेता पर भरोसा नहीं...

Bihar News : सारण जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने आये सारण सांसद के बयान से सियासत गरमा गयी है......पढ़िए आगे

Bihar News : राजपूत समाज को महत्व नहीं दे रही भाजपा...सारण स
गरमाई सियासत - फोटो : SOCIAL MEDIA

CHAPRA : बिहार की राजनीति में एनडीए (NDA) के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव परिणाम और उसके बाद उपजे विवाद ने राज्य का सियासी पारा गर्म कर दिया है। सारण से भाजपा सांसद और वरिष्ठ नेता राजीव प्रताप रूडी ने अपनी ही पार्टी और गठबंधन के समीकरणों पर गंभीर सवाल उठाते हुए एक बड़ा और तीखा बयान दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।

क्या है पूरा विवाद?

हाल ही में संपन्न हुए सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (MLC) चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज की है, जबकि एनडीए समर्थित जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रत्याशी आनंद पुष्कर को हार का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद JDU नेता आनंद पुष्कर का दर्द सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आया। उन्होंने फेसबुक पर एक लंबा पोस्ट लिखकर स्थानीय बीजेपी नेतृत्व पर सीधे तौर पर छल और भीतरघात का आरोप लगाया था। आनंद पुष्कर ने सवाल उठाया था कि जब वोट लेने की बारी आती है, तब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों का हवाला दिया जाता है, लेकिन जब गठबंधन के समर्पित उम्मीदवार का साथ देने की बात आती है, तो गठबंधन धर्म की मर्यादा कहां चली जाती है? क्या गठबंधन धर्म का पालन करने की जिम्मेदारी सिर्फ JDU की है?

राजीव प्रताप रूडी का तीखा पलटवार:

मंगलवार को छपरा में एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब मीडिया ने राजीव प्रताप रूडी से आनंद पुष्कर के आरोपों और यह सवाल पूछा कि क्या उनके कहने पर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान से हट सकते थे, तो सांसद ने दो टूक शब्दों में जवाब देते हुए कहा: "बिहार में किसी राजपूत को किसी नेता पर भरोसा नहीं है।" रूडी ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को यह गहराई से समझना होगा और यह तय करना होगा कि वह राजपूत समुदाय के लोगों को कितना महत्व दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के दावों पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को खुद विचार और निर्णय करना चाहिए।

सियासी गलियारों में तेज हुई चर्चाएं:

सांसद राजीव प्रताप रूडी का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तेजी से वायरल हो गया है। चुनाव में भीतरघात के आरोपों और उसके जवाब में आए इस जातिगत व सियासी बयान के बाद पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों से बयानबाजी तेज हो गई है। सारण से लेकर पटना तक एनडीए के भीतर आपसी समन्वय, विश्वास और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म है।