Bihar Politics : शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा उनके अधिकार और सम्मान की लड़ाई निरंतर लड़ता रहूंगा : ई. आनंद पुष्कर

Bihar Politics : ई. आनंद पुष्कर ने अमनौर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का दौरा किया. जहाँ उन्होंने प्रधानाध्यापकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कार्यरत शिक्षकों से संवाद किया........पढ़िए आगे

Bihar Politics : शिक्षकों की समस्याओं के समाधान तथा उनके अधि
शिक्षकों से मिले आनंद पुष्कर - फोटो : SOCIAL MEDIA

CHAPRA : सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी ई. आनंद पुष्कर ने अमनौर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर शिक्षकों के साथ संवाद किया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रधानाध्यापकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कार्यरत शिक्षकों ने कार्यक्रम में भाग लिया। अमनौर के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों ने ई. आनंद पुष्कर का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया, जिसके लिए उन्होंने सभी शिक्षकों के प्रति आभार एवं साधुवाद व्यक्त किया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि आनंद पुष्कर शिक्षकों की समस्याओं की गहरी समझ रखते हैं तथा उन्हें सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि शिक्षक हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने वाले, समर्पित एवं सक्षम प्रत्याशी का भरपूर समर्थन करें।

अपने संबोधन में ई. आनंद पुष्कर ने कहा कि शिक्षक हितों की लड़ाई केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनका सतत संकल्प है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के वेतनमान, पेंशन, सेवा सुरक्षा, 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु, प्रोन्नति (प्रमोशन), स्थानांतरण नीति, सेवा नियमावली में सुधार तथा विभिन्न कोटि के शिक्षकों की समस्याओं को लेकर वे लगातार सरकार के समक्ष आवाज़ उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से विशिष्ट शिक्षक नियमावली में सुधार, विद्यालय अध्यापक नियमावली में संशोधन, स्थानांतरण नीति बनाए जाने की दिशा में पहल तथा सरकारी विद्यालयों का समय प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक निर्धारित कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं।

ई. आनंद पुष्कर ने कहा कि उन्होंने मदरसा एवं संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों को वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दिलाने, विभिन्न कोटि के शिक्षकों को समान अवसर एवं सम्मान दिलाने, सेवा संबंधी विसंगतियों को दूर करने तथा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार संघर्ष किया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भविष्य में भी शिक्षकों के प्रत्येक न्यायोचित अधिकार एवं मांग को सरकार के समक्ष पूरी मजबूती से उठाते रहेंगे और उनके समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। 

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों एवं शिक्षकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान वही कर सकता है जो शिक्षक समाज के बीच रहकर संघर्ष और सेवा की भावना से कार्य करता हो। शिक्षक हित कोई व्यवसाय नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व और आजीवन प्रतिबद्धता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक अम्बिका राय, रमेश श्रीवास्तव, अरुण कुमार तिवारी, महामाया प्रसाद विनोद, दिलीप कुमार, नवीन कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।