Bihar News: तपस्या, सेवा और संघर्ष की गाथा, 22 जनवरी को बक्सर में स्थापना दिवस सह कंबल वितरण समारोह का होगा आयोजन
Bihar News: विश्वामित्र सेना ने बीते एक वर्ष में समाज और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक प्रेरणादायी पहल की हैं। संगठन ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर सनातन गौरव का संदेश दिया, पंचकोसी यात्रा एवं सनातन जोड़ो यात्रा का आयोजन किया।
Bihar News: सनातन संस्कृति, भारतीय परंपराओं और सामाजिक सेवा के लिए समर्पित संगठन विश्वामित्र सेना अपने स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के पावन अवसर पर 22 जनवरी 2026 को स्थापना दिवस सह कंबल वितरण समारोह का भव्य आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम वामन आश्रम खेल मैदान, बक्सर में प्रातः 11 बजे से अपराह्न 02 बजे तक आयोजित होगा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार, इस अवसर पर सनातन परंपराओं के संरक्षण और सामाजिक समरसता के संदेश को और अधिक व्यापक रूप से समाज तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया जाएगा। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता अपेक्षित है।
सेवा और संस्कृति की एक वर्ष की यात्रा
विश्वामित्र सेना ने बीते एक वर्ष में समाज और संस्कृति के क्षेत्र में अनेक प्रेरणादायी पहल की हैं। संगठन ने हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर सनातन गौरव का संदेश दिया, पंचकोसी यात्रा एवं सनातन जोड़ो यात्रा का आयोजन किया। व्यापक सदस्यता अभियान चलाया तथा बोल बम सेवा पखवाड़ा के माध्यम से सेवा कार्यों को विस्तार दिया। इसके साथ ही जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क शिक्षा केंद्रों का संचालन, सनातन संस्कृति संरक्षण हेतु वेद गुरूकुलम की स्थापना, कंबल वितरण जैसे सेवा कार्य और सामूहिक जनेऊ संस्कार जैसे पावन संस्कारों का आयोजन भी किया गया।
बक्सर की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने का प्रयास
रामरेखा घाट की आवाज़ से लेकर महर्षि विश्वामित्र पार्क, महर्षि विश्वामित्र स्टेशन, संगठन विस्तार और सनातन चेतना के जागरण तक—विश्वामित्र सेना ने बक्सर की देवभूमि स्वरूप पहचान को सहेजने और आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया है। इन उपलब्धियों से संगठन का मनोबल और अधिक सुदृढ़ हुआ है। संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि यह यात्रा तब तक अनवरत जारी रहेगी, जब तक प्रभु श्रीराम अपने शिक्षा-स्थल बक्सर में पुनः प्रतिष्ठित नहीं हो जाते। स्थापना दिवस सह कंबल वितरण समारोह इसी संकल्प और सेवा भावना का सजीव उदाहरण होगा।