Bihar fuel crisis: पेट्रोल-डीजल किल्लत ने मंडप में मचाया कोहराम, दुल्हन मंडप में सजी रही, दूल्हा सड़क पर बेबस फंसा, शादी की मुहुर्त निकला
Bihar fuel crisis:पेट्रोल और डीजल की जबरदस्त किल्लत ने आम जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हर तरफ अफरा-तफरी और बेचैनी का माहौल है।...
Bihar fuel crisis: बिहार में पेट्रोल और डीजल की किल्लत ने आम जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।ताजा मामला बक्सर ज़िले का है। यहां इन दिनों हालात बेहद नाज़ुक और परेशान करने वाले बने हुए हैं। पेट्रोल और डीजल की जबरदस्त किल्लत ने आम जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक हर तरफ अफरा-तफरी और बेचैनी का माहौल है। पेट्रोल पंपों पर नो फ्यूल और तेल समाप्त है जैसे बोर्ड टंगे हुए हैं, जिससे जनता में ग़ुस्सा और मायूसी दोनों बढ़ती जा रही है।
इस ईंधन संकट का सबसे हैरान करने वाला और दिल दहला देने वाला असर एक शादी समारोह में देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को चर्चा में ला दिया है। एक तरफ दुल्हन पूरे साज-सिंगार के साथ मंडप में बैठकर अपने दूल्हे का इंतज़ार कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ दूल्हे राजा की गाड़ी बीच रास्ते में पेट्रोल खत्म होने के कारण ठप पड़ गई। बारात समय पर नहीं पहुंच सकी और शादी का शुभ मुहूर्त धीरे-धीरे निकलता चला गया।
बताया जा रहा है कि दूल्हे की गाड़ी जैसे ही बक्सर शहर के मुख्य मार्ग पर पहुंची, पेट्रोल खत्म हो गया। परिजन घबराहट में इधर-उधर भागे, लेकिन जिले के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर या तो तेल उपलब्ध नहीं था या फिर लंबी-लंबी कतारों में लोग पहले से ही परेशान खड़े थे। किसी तरह का वैकल्पिक इंतज़ाम भी समय पर नहीं हो सका।
इधर बक्सर के महाराजा पेट्रोल पंप सहित कई प्रमुख केंद्रों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि सीएनजी स्टेशनों पर भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। लोग घंटों इंतज़ार के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने शादी-ब्याह के सीजन में लोगों की तैयारियों और खुशियों पर पानी फेर दिया है। कई बारातों की गाड़ियाँ भी बीच रास्ते में ईंधन खत्म होने से खड़ी रह गईं, जिससे अफरा-तफरी और बढ़ गई।
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष और नाराज़गी है। उनका कहना है कि यह संकट सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की बड़ी नाकामी है। फिलहाल पूरा बक्सर जिला उम्मीद और बेचैनी के बीच प्रशासनिक राहत का इंतज़ार कर रहा है कि कब पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य होगी और ज़िंदगी फिर से पटरी पर लौटेगी।