विक्रमशिला सेतु टूटने से बढ़ा संकट, जिला प्रशासन ने राहत के लिए गंगा में शुरू किया नावों का परिचालन
Bihar News : विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है....
Bhagalpur : जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से उत्तर और दक्षिण बिहार का संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेतु के पिलर संख्या 133 के पास स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर जाने के बाद से भारी वाहनों समेत सामान्य आवागमन पर भी संकट खड़ा हो गया है। इस आपातकालीन स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए विभिन्न गंगा घाटों से नावों का परिचालन युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।
सरकारी नाव सेवा निःशुल्क, निजी का किराया तय
आम लोगों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रशासन की ओर से चलाई जा रही सरकारी नावों की सेवा पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है, ताकि गरीब और दैनिक यात्रियों पर आर्थिक बोझ न पड़े। वहीं, निजी नाव संचालकों द्वारा की जाने वाली मनमानी वसूली को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए किराया निर्धारित कर दिया है। इससे यात्रियों को ठगे जाने का डर नहीं रहेगा और पारगमन व्यवस्थित बना रहेगा।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक
विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की समीक्षा के लिए गुरुवार को समीक्षा भवन सभागार में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में एसएसपी, नगर आयुक्त और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से नावों के सुरक्षित परिचालन, घाटों पर लाइटिंग की व्यवस्था और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लाइफ जैकेट व गोताखोरों की तैनाती पर विस्तार से चर्चा की गई।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर जोर
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान निर्देश दिया कि सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात रहेंगे ताकि विधि-व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त हिस्से की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मरम्मत कार्य में जुटी है। जब तक सेतु पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, तब तक नाव सेवा ही मुख्य विकल्प बनी रहेगी और इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आम जनजीवन और व्यापार पर असर
सेतु टूटने का सीधा असर भागलपुर के व्यापार और आम जनजीवन पर पड़ा है। सब्जियों, दूध और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने से बाजार में कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि वह स्थिति को सामान्य करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है, लेकिन सेतु की जल्द मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग भी की है ताकि क्षेत्र का आर्थिक पहिया फिर से पटरी पर लौट सके।
बालमुकुंद की रिपोर्ट