विश्व बाघ दिवस पर वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में गूंजा संरक्षण का संदेश, 8 से बढ़कर 60 तक पहुंची बाघों की संख्या

विश्व बाघ दिवस पर वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में गूंजा संरक्षण
विश्व बाघ दिवस पर VTR में भव्य समारोह - फोटो : धीरज परासर

Bettiah : पश्चिम चंपारण जिले के मंगुरहा स्थित वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) प्रमंडल-1 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा विश्व बाघ दिवस के अवसर पर भव्य जागरूकता व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों, स्थानीय ग्रामीणों तथा विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।


अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ, समाज की सहभागिता पर जोर

समारोह का औपचारिक शुभारंभ वन निदेशक गौरव झा, डीएफओ प्रमंडल-1 शेखर, डीएफओ प्रमंडल-2 विकास एलाहवत तथा गौनाहा रेंजर अंसुमन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मंच संचालन वनकर्मी अंकुश कुमार तिवारी ने किया। अपने संबोधन में वन निदेशक गौरव झा ने कहा कि जंगलों और बाघों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य है।


चित्रकला व निबंध प्रतियोगिता के मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित

इस अवसर पर पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चित्रकला और निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मंचआवा, संत जेवियर्स स्कूल रमपुरवा, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरी तथा वाल्मीकिनगर के विद्यार्थियों को अधिकारियों द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। सभी छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण व वन्यजीवों की रक्षा का संकल्प भी लिया।


VTR में बाघों का बढ़ा कुनबा: 2008 में थे महज 8, अब 60 तक पहुंचने का अनुमान

कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2008 में वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या मात्र 8 थी, जो वर्ष 2022 में बढ़कर 44 हो गई। वहीं, वर्ष 2026 तक VTR में बाघों की संख्या बढ़कर लगभग 60 तक पहुंचने का अनुमान है। अधिकारियों ने इस शानदार उपलब्धि का श्रेय वन विभाग, सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय समुदाय के निरंतर संयुक्त प्रयासों को दिया।


एसएसबी और ग्रामीणों के तालमेल से मजबूत हुआ वन्यजीव सुरक्षा चक्र

समारोह में एसएसबी जवानों और स्थानीय ग्रामीणों की सतर्कता एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में दिए जा रहे सहयोग की जमकर सराहना की गई। वक्ताओं ने कहा कि सुरक्षा बलों और सामुदायिक भागीदारी के कारण ही वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के अनुकूल सुरक्षित माहौल तैयार हो सका है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज में पर्यावरण संतुलन और बाघ संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का सशक्त संदेश दिया गया।


धीरज परासर की रिपोर्ट