वर्दी पर दाग: दहेज हत्यारे को बचाने की 'साजिश' बेनकाब, एसपी ने थानेदार को किया सस्पेंड!

बेतिया के चौतरवा थाने के पूर्व थानाध्यक्ष राहुल कुमार सिंह को दहेज हत्या के मामले में अभियुक्त को बचाने के आरोप में एसपी ने सस्पेंड कर दिया है। समीक्षा के दौरान जांच में भारी लापरवाही और आरोपी की गिरफ्तारी न करने की बात सामने आई थी।

वर्दी पर दाग: दहेज हत्यारे को बचाने की 'साजिश' बेनकाब, एसपी

Bettiah - बिहार के बेतिया पुलिस जिला अंतर्गत चौतरवा थाने के पूर्व थानाध्यक्ष राहुल कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामानंद कुमार कौशल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई दहेज के लिए की गई एक विवाहिता की हत्या के मामले में जांच में कोताही बरतने और मुख्य अभियुक्त को संरक्षण देने के आरोप में की गई है।

समीक्षा में खुली लापरवाही की पोल 

एसपी रामानंद कुमार कौशल ने सोमवार को चौतरवा थाने में लंबित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान पाया गया कि अहिरवलिया गांव में हुई विवाहिता शालवी कुमारी की दहेज हत्या (कांड संख्या 251/25) मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष सह अनुसंधानक राहुल कुमार सिंह ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी। जांच में स्पष्ट हुआ कि मामले में दोषी पाए गए मुख्य अभियुक्त अमित शाही की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। अभियुक्त के फरार होने के बावजूद न्यायालय से वारंट लेने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई। अनुसंधानक ने गैर-जिम्मेदाराना तरीके से जांच करते हुए अभियुक्त को न्यायिक राहत दिलाने की कोशिश की।

क्या था मामला? 

बलथर थाने के जगीराहा निवासी अभिमन्यु सिंह ने अपनी पुत्री शालवी कुमारी की शादी करीब डेढ़ साल पहले चौतरवा के अहिरवलिया निवासी अमित शाही से की थी, जो स्थानीय पंचायत मुखिया शैल देवी का पुत्र है। आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए शालवी को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसकी परिणति उसकी हत्या के रूप में हुई।

वर्तमान स्थिति 

राहुल कुमार सिंह के कार्यकाल के दौरान ही यह जघन्य घटना हुई थी। हालांकि, वर्तमान में चौतरवा थाने की कमान प्रशिक्षु डीएसपी अंकित कुमार के हाथों में है। एसपी की इस सख्त कार्रवाई ने पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध के गंभीर मामलों में लापरवाही या अपराधियों की मदद बर्दाश्त नहीं की जाएगी।