मुआवजे की राशि के एवज में घूस ले रहा था सदर अंचल का क्लर्क, निगरानी की टीम ने रंगे हाथ दबोचा

प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाए जाने के बाद भी मामला थमने का नाम नही ले रहा। ताजा मामला बेगूसराय जिले से सामने आया है, जहां सदर अंचल कार्यालय के प्रभारी नाजिर सह क्लर्क को निगरानी ने रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है.....

मुआवजे की राशि के एवज में घूस ले रहा था सदर अंचल का क्लर्क,
घूस लेते अंचल कार्यालय का क्लर्क गिरफ्तार- फोटो : अजय शास्त्री

Begusarai : जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार को निगरानी टीम ने सदर अंचल कार्यालय में छापेमारी कर प्रभारी नाजिर सह क्लर्क सोनू कुमार को 4000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से अंचल कार्यालय के भ्रष्ट कर्मियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। 


डूबने से हुई मौत के मुआवजे के बदले मांग रहा था घूस

विजिलेंस के डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि चांदपुरा निवासी दौलती देवी की पुत्री रानी कुमारी की मृत्यु 3 अक्टूबर 2025 को पानी में डूबने से हो गई थी। इसी घटना के बाद आपदा राहत अनुदान अनुग्रह राशि के तहत मिलने वाले 4 लाख रुपये के भुगतान के एवज में क्लर्क सोनू कुमार ने रिश्वत की मांग की थी।


पहले की थी बड़ी मांगबाद में 4000 में हुआ सौदा

पीड़ित महिला दौलती देवी ने बताया कि आरोपी क्लर्क ने पहले मामले में 80 हजार रुपये की अवैध मांग की थी, जिसे बाद में घटाकर 5 हजार रुपये और फिर अंत में 4 हजार रुपये पर तय किया गया। इस शोषण से परेशान होकर पीड़िता ने इसकी गुप्त शिकायत निगरानी विभाग में दर्ज कराई थी।


निगरानी की गोपनीय जांच में सच साबित हुआ मामला

शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप पूरी तरह से सत्य पाए गए। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से शुक्रवार को करीब 12 बजे अंचल कार्यालय में जाल बिछाया गया और क्लर्क सोनू कुमार को जैसे ही 4 हजार रुपये की रिश्वत दी गई, टीम ने उसे दबोच लिया।


भ्रष्ट कर्मियों में मचा हड़कंप 

निगरानी टीम गिरफ्तार क्लर्क को अपने साथ पूछताछ के लिए पटना या संबंधित मुख्यालय लेकर रवाना हो गई है। इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य सरकारी कार्यालयों में भी हड़कंप मच गया है, जिससे कर्मियों में अवैध वसूली को लेकर खौफ देखा जा रहा है।


अजय शास्त्री की रिपोर्ट