Bihar Arson Case: बेगूसराय में कानून को खुली चुनौती! 500 रुपये के विवाद में मीट-चावल दुकान बनी आग का निशाना, थाने से चंद कदम दूर वारदात, पुलिस पर उठे सवाल

Bihar Arson Case: बेगूसराय नगर थाना से महज़ कुछ कदम की दूरी पर स्थित नगर निगम वेंडिंग जोन में एक दुकान को आग के हवाले कर दिया गया।...

बेगूसराय में कानून को खुली चुनौती
बेगूसराय में कानून को खुली चुनौती- फोटो : reporter

Bihar Arson Case:  बेगूसराय से एक बार फिर कानून-व्यवस्था को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां नगर थाना से महज़ कुछ कदम की दूरी पर स्थित नगर निगम वेंडिंग जोन में एक दुकान को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटना न सिर्फ इलाके में सनसनी फैलाने वाली है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

मामला नगर निगम क्षेत्र संख्या-35 का है, जहां विष्णुपुर वार्ड-39 निवासी 40 वर्षीय मनोहर कुमार वर्षों से मीट-चावल की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। पीड़ित के अनुसार, 12 मई 2026 को कुछ लोग ग्राहक बनकर उनकी दुकान पर पहुंचे और खाना खाने के बाद लगभग 500 रुपये का भुगतान करने से इनकार कर दिया।

जब दुकानदार ने अपने पैसे मांगे तो विवाद अचानक बढ़ गया और मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। आरोप है कि जाते-जाते उन लोगों ने खुलेआम धमकी दी कि दुकान में आग लगा दी जाएगी। और कुछ ही घंटों बाद वही धमकी हकीकत में बदल गई।रात करीब 12 बजे पीड़ित की दुकान में भीषण आग लग गई, जिससे पूरी दुकान जलकर राख हो गई। शुरुआती जांच में पीड़ित का आरोप है कि जिन लोगों से विवाद हुआ था, उन्हीं ने इस घटना को अंजाम दिया है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरी घटना नगर थाना से महज़ 10 से 15 मीटर की दूरी पर स्थित वेंडिंग जोन में हुई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी नजदीक पुलिस मौजूदगी के बावजूद इस तरह की वारदात होना चिंताजनक है।

घटना के बाद पीड़ित मनोहर कुमार ने नगर थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मनोहर का कहना है कि शिकायत के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें फिर से धमकी दी जा रही है। पीड़ित, जो तीन बच्चों के पिता हैं, अब खुद और अपने परिवार को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन की उदासीनता के कारण उनका जीवन संकट में है।

स्थानीय स्तर पर भी लोगों में नाराजगी है कि जब थाने के इतने करीब इस तरह की घटना हो सकती है, तो दूर-दराज के इलाकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाना मुश्किल है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है, लेकिन पीड़ित और स्थानीय लोग जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि यह मामला न्याय की राह पकड़ता है या फिर सिर्फ एक और फाइल में बंद कहानी बनकर रह जाता है।

रिपोर्ट- अजय शास्त्री