Bihar News: बांका में पुलिस संस्मरण दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, एसपी अमितेश कुमार ने किया नमन
Bihar News:शहीद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
Banka : देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों की स्मृति में बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को बांका पुलिस केंद्र में पुलिस संस्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार की अध्यक्षता में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शहीद पुलिस पदाधिकारियों और जवानों के अदम्य साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समारोह के दौरान देश की सुरक्षा, शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों पर चलने तथा जनसेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प दोहराया।
पुलिस संस्मरण दिवस के मौके पर एसपी अमितेश कुमार ने शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने उन वीर जवानों के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया, जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की रक्षा की।यह आयोजन उन जांबाज पुलिसकर्मियों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर रहा, जिन्होंने देश और समाज की हिफाजत के लिए अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य के लिए प्रेरणास्रोत है।
बांका पुलिस केंद्र में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), पुलिस उपाधीक्षक (साइबर), पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बांका सहित जिले के विभिन्न थानों, प्रतिष्ठानों और शाखाओं में तैनात पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।इस दौरान शहीद जवानों की स्मृति को नमन करते हुए उनके त्याग और बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। समारोह में पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों और आम लोगों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया गया। गौरतलब है कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को देशभर में पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उन पुलिसकर्मियों की याद में समर्पित है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। इस दिन शहीदों के बलिदान को याद करने के साथ पुलिस बल के सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों और जनसेवा के संकल्प का भी स्मरण कराया जाता है। बांका पुलिस केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने शहीद पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण को श्रद्धापूर्वक याद करने का अवसर प्रदान किया। उनकी कुर्बानी आने वाली पीढ़ियों को कर्तव्यनिष्ठा और सेवा की राह पर चलने की प्रेरणा देती रहेगी।
वहीँ 44वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), नरकटियागंज के प्रांगण में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में वाहिनी के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों एवं सभी बलकार्मिकों ने शहीदों की स्मृति में मौन धारण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कमांडेंट ने पिछले एक वर्ष में शहीद हुए पुलिस बलों एवं केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के नाम पढ़कर सुनाए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट बलवंत सिंह नेगी ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन उन वीर पुलिसकर्मियों एवं केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवानों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिए समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा एवं सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उन्होंने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी शुरुआत 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में हुई घटना से जुड़ी है। उस दिन चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में पुलिस दल के 10 जवान शहीद हो गए थे। इस घटना ने देश की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के बलिदान और समर्पण की गौरवगाथा को इतिहास में दर्ज किया।
घटना के लगभग तीन सप्ताह बाद 13 नवंबर 1959 को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर लौटाए गए। इसके बाद जनवरी 1960 में आयोजित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष पुलिस स्मृति दिवस की 67वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान उप कमांडेंट श्री ज्ञानेंद्र कुमार, उप कमांडेंट मो. हसनैन खान, सहायक कमांडेंट एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुंदन जायसवाल, सहायक कमांडेंट (संचार) श्री रियाज पी. सहित 44वीं वाहिनी के अन्य अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी एवं सभी बलकार्मिक उपस्थित रहे। सभी ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र की सुरक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया।
रिपोर्ट - चंद्रशेखर कुमार