Bihar Crime : बांका में सरेशाम डबल मर्डर से फैली सनसनी, घात लगाए अपराधियों ने बाइक सवार युवकों को गोलियों से भूना, मौके पर हुई मौत

Bihar Crime : बांका के अमरपुर थाना क्षेत्र में अपराधियों ने दिनदहाड़े दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है.....पढ़िए आगे

Bihar Crime : बांका में सरेशाम डबल मर्डर से फैली सनसनी, घात
युवकों की मौत - फोटो : CHANDRASHEKHAR

BANKA : बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र में रविवार को अपराधियों ने दिनदहाड़े दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी। बलिया गांव के ऊपरी टोला के समीप हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिले के वरीय अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच में जुट गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरपुर थाना क्षेत्र के धर्मराय गांव निवासी जगदीश सिंह के पुत्र सिट्टू सिंह तथा अर्जुन सिंह के पुत्र गुंजन सिंह बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान बलिया गांव के बाहर पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उनकी बाइक रोक ली और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां लगने से दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीँ घटना के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। 

सूचना मिलते ही बांका पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार, एसडीपीओ अमर कुमार विश्वास, इंस्पेक्टर रमाशंकर सिंह तथा अमरपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं। वहीं, साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।

सूत्रों के अनुसार, जिस बाइक पर मृतक सवार थे, उस पर तीन युवक मौजूद थे। चर्चा है कि फायरिंग में तीसरा युवक भी घायल हुआ, जो घटनास्थल से किसी तरह निकल गया। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया है। हत्या के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस आपसी रंजिश, पुरानी दुश्मनी तथा अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर मामले की गहन जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

चंद्रशेखर भगत की रिपोर्ट