औरंगाबाद में ‘अरनव तूफान’ का कहर: 48 घंटे की लगातार बारिश से 50% से अधिक धान की फसल बर्बाद, किसानों की बढ़ी मुश्किलें
Aurangabad : जिले में पिछले 48 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। 'अरनव तूफान' के प्रभाव से हो रही इस बेमौसम और भारी बारिश की सबसे ज्यादा मार अन्नदाताओं पर पड़ी है, जिससे किसानों की कमर टूट गई है और पूरे इलाके में मायूसी का माहौल है।
धान की फसलों को भारी नुकसान, खेतों में बिछी फसल
जिले में मुख्य रूप से 'नाटी मंसूरी' धान की खेती की जाती है, और वर्तमान में फसलों में बाली निकलने का महत्वपूर्ण समय चल रहा था। ऐसे में तेज हवा और लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में लहलहाती फसल गिर गई है। किसानों के अनुसार, जिले में 50 प्रतिशत से अधिक धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है और बारिश अभी भी थमने का नाम नहीं ले रही है।
बच्चों की पढ़ाई और बेटी की शादी के सपनों पर फिरा पानी
पीड़ित किसानों का कहना है कि वे अपनी पूरी जिंदगी की कमाई और पूंजी खेती में लगा देते हैं। इस साल फसल की स्थिति बेहद शानदार थी, जिससे उन्हें उम्मीद थी कि अच्छी पैदावार होगी। किसानों ने बताया कि इसी फसल की आमदनी से उन्हें बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी की उम्मीदें थीं, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया है।
पिछले साल जैसी स्थिति से किसान परेशान, मुआवजे की मांग
किसानों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि पिछले साल भी इसी तरह कुदरती मार से उनकी फसलें बर्बाद हुई थीं और इस साल भी वही हाल दोहराया गया है। लगातार हो रहे इस नुकसान से हताश किसानों ने केंद्र और बिहार सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द फसल के नुकसान का सटीक आकलन कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
किसानों ने मदद की गुहार लगाई
किसानों ने कहा कि यदि इस संकट के समय सरकार उनके साथ खड़ी नहीं हुई, तो वे पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगे और भविष्य में खेती करने की स्थिति में भी नहीं बचेंगे।
दीनानाथ की रिपोर्ट