चलता फिरता बम' बना सीएनजी ऑटो: बीच सड़क धूं-धूं कर जला वाहन, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान; मची चीख-पुकार!

औरंगाबाद में विज्ञान वरदान की जगह अभिशाप बन गया। रफीगंज में चलती सीएनजी ऑटो आग का गोला बन गई। यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।

चलता फिरता बम' बना सीएनजी ऑटो: बीच सड़क धूं-धूं कर जला वाहन,

Aurangabad - औरंगाबाद जिले के रफीगंज शहर में बीती रात एक रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ। जहाँ आम तौर पर लोग विज्ञान और नई तकनीक को वरदान मानते हैं, वहीं अब्दुलपुर भदवा पुल के पास विज्ञान 'अभिशाप' साबित हुआ। एक चलती सीएनजी ऑटो में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि ऑटो देखते ही देखते धूं-धूं कर जलने लगा। सड़क के बीचों-बीच जलते वाहन को देख राहगीरों और स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई।

मौत को मात: यात्रियों और चालक ने कूदकर बचाई जान

राहत की बात यह रही कि जैसे ही ऑटो से धुआं और आग की लपटें उठनी शुरू हुईं, चालक और उस पर सवार यात्रियों ने सूझबूझ दिखाई। खतरे को भांपते हुए सभी लोगों ने चलते ऑटो से छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर चंद सेकंड की भी देरी होती, तो बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन यात्रियों के बीच दहशत का माहौल है।

हाजीपुर से बाजार की ओर जा रहा था वाहन

जानकारी के अनुसार, ऑटो लभरी की तरफ से हाजीपुर के रास्ते होते हुए रफीगंज बाजार की ओर जा रहा था। तभी भदवा पुल के पास यह तकनीकी खराबी आई और आग लग गई। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपनी आँखों के सामने तकनीक के इस खतरनाक रूप को देख दंग रह गए। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी दल-बल के साथ मौके पर पहुँच गई।


दमकल की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू

रफीगंज पुलिस ने तुरंत अग्निशमन विभाग (दमकल) को सूचित किया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुँचकर जलते हुए ऑटो पर पानी की बौछारें शुरू कीं। काफी कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग बुझती, ऑटो पूरी तरह जलकर लोहे के ढांचे में तब्दील हो चुका था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सीएनजी किट में रिसाव था या शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ।

सड़क पर लगा घंटों लंबा जाम, यातायात हुआ बाधित

आग लगने के कारण सुरक्षा के लिहाज से सड़क के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। इसके चलते अब्दुलपुर भदवा पुल के पास वाहनों की लंबी कतार लग गई। यात्री और ट्रक चालक घंटों जाम में फंसे रहे। आग बुझने और मलबे को सड़क के किनारे करने के बाद ही पुलिस ने यातायात को दोबारा सुचारू रूप से शुरू कराया।

सीएनजी वाहनों की सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल

इस घटना ने सीएनजी वाहनों की सुरक्षा और उनके नियमित मेंटेनेंस पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। औरंगाबाद में बढ़ती ऐसी घटनाएं इशारा करती हैं कि बिना सही जांच-परख के सड़कों पर दौड़ रहे ये वाहन कभी भी घातक साबित हो सकते हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस और गैस किट की नियमित जांच सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में ऐसे 'अग्नि तांडव' को रोका जा सके।

Report - Dinanath mauaar