Chhath Puja 2026 : औरंगाबाद के देव मंदिर में उमड़ी छठव्रतियों की भारी भीड़, सूर्यकुण्ड में स्नान कर डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

Chhath Puja 2026 : चैती छठ के मौके औरंगाबाद के देव में 6 लाख से अधिक व्रती जुटे. जिन्होंने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया और सुख समृद्धि की कामना की..........पढ़िए आगे

Chhath Puja 2026 : औरंगाबाद के देव मंदिर में उमड़ी छठव्रतियो
देव में जुटे 6 लाख छठव्रती - फोटो : DINANATH

AURANGABAD : लोक आस्था के महापर्व चैती छठ के अवसर पर ऐतिहासिक सूर्यनगरी देव में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा है। जिधर भी नजर जा रही है, हर तरफ केवल छठ व्रती और उनके परिजन ही दिखाई दे रहे हैं। अपनी अक्षुण्ण गरिमा और पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध सूर्यकुण्ड के चारों ओर तिल रखने भर की भी जगह शेष नहीं बची है। आलम यह है कि पवित्र सरोवर में स्नान और भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए व्रतियों को अपनी बारी का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

प्रशासनिक आंकड़ों और स्थानीय अनुमान के मुताबिक, इस वक्त देव में लगभग 6 लाख से अधिक श्रद्धालु मौजूद हैं। पूरा परिसर 'कांच ही बांस के बहंगिया' और 'केलवा के पात पर' जैसे सुमधुर पारंपरिक छठ गीतों से गुंजायमान है, जिससे पूरा वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और आध्यात्मिक हो गया है। लाखों की इस भारी भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है।

ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से सूर्यनगरी देव का विशेष महत्व है, क्योंकि यहाँ भगवान भास्कर का त्रेतायुगीन प्राचीन मंदिर स्थित है। इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका पश्चिम की ओर स्थित द्वार है, जो वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहाँ भगवान सूर्य की आराधना करता है और सूर्यकुण्ड में पवित्र स्नान कर अर्घ्य प्रदान करता है, छठी मईया और भगवान भास्कर उसकी हर मनोकामना अवश्य पूरी करते हैं।

विशेषकर चर्म रोगों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और संतान प्राप्ति की कामना लेकर देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहाँ खिंचे चले आते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष चैती और कार्तिक छठ के मौके पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं और चार दिवसीय कठिन अनुष्ठान कर खुद को धन्य समझते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन द्वारा जगह-जगह चिकित्सा शिविर, पेयजल और विश्राम गृह की व्यवस्था की गई है, ताकि दूर-दराज से आए लोगों को कठिनाई न हो।

फिलहाल, अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देने का सिलसिला खत्म हो गया है। घाटों पर व्रतियों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। पूरा देव क्षेत्र 'जय छठी मैया' और 'भगवान भास्कर की जय' के जयकारों से गूँज रहा है। कल सुबह उदयगामी सूर्य को दूसरा अर्घ्य देने के साथ ही इस चार दिवसीय महापर्व का समापन होगा। प्रशासन ने अगले 24 घंटों के लिए पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर रखा है ताकि शांतिपूर्ण तरीके से पर्व संपन्न कराया जा सके।

दीनानाथ की रिपोर्ट