Bihar News : भोजपुर में गोलीबारी के आरोपियों को छोड़ने पर भड़के ग्रामीण, थाने का घेराव कर जमकर काटा बवाल

Bihar News : भोजपुर जिले में गोलीबारी के आरोपियों को छोड़ने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. जहाँ उन्होंने जमकर बवाल काटा और थाने का घेराव किया.......पढ़िए आगे

Bihar News : भोजपुर में गोलीबारी के आरोपियों को छोड़ने पर भड़क
थाने में बवाल - फोटो : ASHISH

ARA : भोजपुर जिले के बहोरनपुर थाना क्षेत्र के गौरा वार्ड संख्या चार में अखिलेश ठाकुर (पिता- श्रीराम ठाकुर) को गोली मारने की घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए तीन मुख्य आरोपियों को कथित तौर पर रिहा किए जाने की खबर फैलते ही स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने न केवल बहोरनपुर थाने का घेराव किया, बल्कि सड़क पर टायर जलाकर आगजनी की और घंटों तक आवागमन बाधित रखा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर अपराधियों को संरक्षण दे रही है।

घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि अखिलेश ठाकुर को गोली लगने के बाद इलाके में भारी तनाव व्याप्त था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया था, जिससे ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी थी। लेकिन बाद में जैसे ही यह सूचना मिली कि पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया है, ग्रामीण उग्र हो गए। लोगों का कहना है कि जानलेवा हमले जैसे संगीन मामले में बिना ठोस कार्रवाई के अभियुक्तों को मुक्त करना अपराधियों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम है।

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भीड़ का नेतृत्व कर रहे लोगों का आरोप है कि थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) को जानबूझकर कमजोर बनाया गया है ताकि अभियुक्तों को कानूनी लाभ मिल सके। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि न्याय के बजाय अभियुक्तों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान थाने के मुख्य द्वार पर घंटों तक नारेबाजी चलती रही।

हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस टीम आक्रोशित भीड़ को यह समझाने में जुटी रही कि मामले की जांच अभी जारी है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, प्रदर्शनकारी किसी भी आश्वासन को मानने को तैयार नहीं थे और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। काफी मशक्कत के बाद और वरीय अधिकारियों के दखल के बाद सड़क से जाम हटाया जा सका।

फिलहाल, इलाके में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें उचित न्याय नहीं मिला और आरोपियों की दोबारा गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे जिला मुख्यालय पर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

आशीष की रिपोर्ट