Bihar News: टीके के इंजेक्शन से नवजात के शरीर पर बना बड़ा घाव, CHC में परिजनों का हंगामा

Bihar News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु को टीकाकरण के दौरान लगाए गए इंजेक्शन के बाद कथित तौर पर बड़ा घाव हो जाने का मामला सामने आया है।...

Newborn Develops Wound After Vaccine Chaos at Bhojpur CHC
टीके के इंजेक्शन से नवजात के शरीर पर बना बड़ा घाव- फोटो : reporter

Bihar News:  भोजपुर जिले के चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु को टीकाकरण के दौरान लगाए गए इंजेक्शन के बाद कथित तौर पर बड़ा घाव हो जाने का मामला सामने आया है। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल कर पुलिस को मौके पर बुलाया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही एवं मनमानी का गंभीर आरोप लगाया।

पीड़ित शिशु की मां निशू देवी, पति राधेश्याम, निवासी पसौर गांव ने बताया कि पिछले महीने वह अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थीं। वहां तैनात एक एएनएम ने बच्चे को टीका लगाया था।

परिजनों का कहना है कि इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्चे के शरीर के उस हिस्से में धीरे-धीरे बड़ा घाव बन गया। बच्चे की स्थिति को लेकर चिंतित परिजन कई बार उसे लेकर अस्पताल पहुंचे और स्वास्थ्यकर्मियों एवं डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उनका आरोप है कि उन्हें समस्या की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।परिजनों के मुताबिक, जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उन्होंने उसे एक निजी चिकित्सक को दिखाया। निजी चिकित्सक ने जांच के बाद कथित तौर पर बताया कि गलत तरीके से इंजेक्शन लगाए जाने के कारण गहरा घाव हुआ है।इसके बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने चरपोखरी CHC में हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि अगर अस्पताल में शुरुआती स्तर पर ही बच्चे की स्थिति को गंभीरता से लिया जाता तो समस्या का समय पर इलाज कराया जा सकता था।

हंगामे की सूचना के बाद परिजनों ने 112 डायल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी ली और स्थिति को शांत कराने की कोशिश की।परिजन अब कथित लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चे को टीका लगाने वाले संबंधित स्वास्थ्यकर्मी की भूमिका की जांच होनी चाहिए और अगर लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

फिलहाल मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, बच्चे को किस प्रकार का टीका लगाया गया था, इंजेक्शन के बाद घाव क्यों बना और वास्तव में इसमें चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं इन सवालों का जवाब मेडिकल जांच और विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण की प्रक्रिया, स्वास्थ्यकर्मियों की जवाबदेही और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट- आशीष कुमार