Bihar News : पवन सिंह के इलाके में पहुंची भोजपुरी अभिनेत्री अक्षरा सिंह, बाढ़ पीड़ितों के बीच बांटी राहत सामग्री, कहा-जनता के प्यार से मिली पहचान

Bihar News : भोजपुर में गंगा की बाढ़ और कटान से परेशान लोगों के बीच भोजपुरी की चर्चित अभिनेत्री और सिंगर अक्षरा सिंह मदद का हाथ लेकर पहुंचीं......पढ़िए आगे

Bihar News : पवन सिंह के इलाके में पहुंची भोजपुरी अभिनेत्री
बाढ़ पीड़ितों के बीच अक्षरा सिंह - फोटो : SOCIAL MEDIA

ARA : भोजपुर जिले में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से आई बाढ़ और भीषण कटाव से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भोजपुरी अभिनेत्री व गायिका अक्षरा सिंह आगे आई हैं। शाहपुर प्रखंड के दामोदरपुर बांध पर पहुंचकर उन्होंने जवईनिया गांव के विस्थापित और बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों से बातचीत कर उनका हाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं। अक्षरा सिंह ने बाढ़ पीड़ित महिलाओं को सेनेटरी पैड, साड़ी, चावल, दाल, आटा, चूड़ा, मोमबत्ती, टॉर्च और मच्छरदानी जैसी आवश्यक वस्तुएं भेंट कीं। इसके अलावा छोटे बच्चों के लिए डायपर, चॉकलेट और बिस्कुट बांटे गए। राहत सामग्री बांटने के बाद उन्होंने पीड़ितों को ढांढस बंधाया और कहा कि इस मुश्किल घड़ी में वे अकेली नहीं हैं, पूरा बिहार उनके साथ खड़ा है।

'इसी मिट्टी से बनी हूं, लोगों की सेवा मेरा फर्ज'

पत्रकारों से बातचीत करते हुए अक्षरा सिंह ने भावुक अंदाज में कहा कि वे बिहार की बेटी हैं और इसी मिट्टी की बदौलत आज इस मुकाम तक पहुंची हैं। बिहार की जनता के प्यार और समर्थन से ही उन्हें पहचान मिली है, इसलिए आपदा के समय अपनों के बीच खड़ा होना उनका नैतिक कर्तव्य है। वे विशेष रूप से मुंबई से बिहार आई हैं और अपनी क्षमता के अनुसार लोगों का दुख बांटने की कोशिश कर रही हैं।

पवन सिंह से जुड़े सवाल पर दिया बेबाक जवाब

राहत शिविर में जब मीडियाकर्मियों ने पवन सिंह के उपस्थित न होने और उनके गृह जिले से जुड़ा सवाल पूछा, तो अक्षरा सिंह ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं किसी और की जिम्मेदारी नहीं ले सकती, यह मेरी अपनी जिम्मेदारी है।" उन्होंने दोहराया कि बिहार के लोगों ने उन्हें बहुत कुछ दिया है, इसलिए मुसीबत के समय अपने लोगों का साथ देना उनका व्यक्तिगत फर्ज है।

जवईनिया के कटाव पर नेताओं और सीएम से बात करने का भरोसा

गंगा नदी के कटाव में जवईनिया गांव के दर्जनों घरों के समा जाने और परिवारों के बेघर होने के मुद्दे पर अक्षरा ने कहा कि वे पूरी जानकारी के बिना राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं करेंगी। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि इस गांव के विस्थापितों के स्थायी पुनर्वास के लिए वे मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगी। उन्होंने कहा कि बिहार का नाम रोशन करने वाले हर व्यक्ति को संकट के समय राज्य के विकास और सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए।