मौत की रफ्तार का तांडव: पिकअप से अलग हुई मिक्चर मशीन ने शिक्षिका को कुचला, 14 साल बाद माँ बनी महिला की मौत, महीने भर के जुड़वा बच्चों की उजड़ी दुनिया!

आरा में तेज रफ्तार पिकअप काल बन गई। वाहन से टूटी मिक्चर मशीन ने पोलियो सुई दिलाने जा रही शिक्षिका रौशन जहाँ की जान ले ली। महज एक माह के मासूम जुड़वा बच्चों के सिर से माँ का साया उठ गया।

मौत की रफ्तार का तांडव: पिकअप से अलग हुई मिक्चर मशीन ने शिक्


Arrah  - तरारी प्रखंड के सिकरहटा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। सिकरौल पेट्रोल पंप के समीप एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की लापरवाही ने 35 वर्षीय शिक्षिका रौशन जहाँ की जान ले ली। यह हादसा इतना भयावह था कि पिकअप से अचानक अलग हुई मिक्चर मशीन सीधे सामने से आ रहे टेम्पू में जा घुसी। इस टक्कर में शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सरपंच समेत कई अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।

14 साल का लंबा इंतजार और महीने भर की ममता का अंत

यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के अरमानों का कत्ल है। मृतका रौशन जहाँ की शादी के 14 साल बाद, हाल ही में ऑपरेशन के जरिए एक पुत्र और एक पुत्री के रूप में जुड़वा संतानें हुई थीं। अभी बच्चों की उम्र महज एक माह थी और माँ की ममता का आंचल उनसे हमेशा के लिए छिन गया। जिस घर में बच्चों के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब सिर्फ सिसकियां और मातम पसरा है। मासूमों को पता भी नहीं कि उनकी रक्षक अब इस दुनिया में नहीं रही।

पोलियो की सुई दिलाने जा रही थीं माँ के साथ

रौशन जहाँ दानापुर के सिकंदरपुर में शिक्षिका थीं और प्रसव के बाद अपने मायके सिकरहटा खुर्द आई हुई थीं। वह अपनी माँ, जो सिकरहटा खुर्द की सरपंच हैं (नसीमा खातुन), के साथ अपने नवजात बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने पीरो जा रही थीं। रास्ते में सिकरौल मिल के पास काल बनी मिक्चर मशीन ने उनके टेम्पू को अपनी चपेट में ले लिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण रौशन जहाँ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

भीषण टक्कर में टेम्पू के उड़े परखच्चे, सरपंच की हालत नाजुक

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पिकअप की रफ्तार इतनी अनियंत्रित थी कि मिक्चर मशीन का हुक टूटते ही वह सड़क पर बेकाबू होकर नाचने लगी और टेम्पू को पलट दिया। हादसे में मृतका की माँ नसीमा खातुन गंभीर रूप से घायल हो गईं। पीरो सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। उनके अलावा सुष्मिता कुमारी नामक युवती और दो अन्य युवक भी इस खूनी हादसे में घायल हुए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस का हस्तक्षेप

घटना की खबर मिलते ही सिकरहटा थाना प्रभारी प्रभात कुमार और पीरो थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। शिक्षिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अब उस पिकअप चालक की तलाश कर रही है जिसकी एक छोटी सी लापरवाही ने दो नवजात शिशुओं को अनाथ बना दिया और एक हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया।

क्षेत्र में आक्रोश: बेलगाम रफ्तार पर कब लगेगा अंकुश?

इस दर्दनाक हादसे के बाद तरारी और पीरो के इलाकों में गहरा आक्रोश है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सिकरौल के पास भारी वाहनों की रफ्तार पर कोई नियंत्रण नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि लापरवाह वाहन चालकों और असुरक्षित तरीके से मशीनें ले जाने वाले ठेकेदारों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। आज हर आँख नम है और हर ज़ुबान पर बस एक ही सवाल है कि उन एक महीने के जुड़वा बच्चों का क्या कसूर था?

रिपोर्ट - आशीष श्रीवास्तव