Assembly Elections: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान जारी, SIR विवाद के बीच बूथों पर लंबी कतारें, कौन मारेगा बाजी?

Assembly Elections: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हो गया है। इस चरण में कई अहम सीटों पर वोटिंग हो रही है, जहां सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाब

मतदान जारी
दो राज्यों में - फोटो : प्रतीकात्मक

Assembly Elections: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है। चुनाव आयोग के अनुसार, पहले चरण के मतदान के लिए 44,000 से अधिक पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।

सुबह से लगी लंबी कतार 

सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। बंगाल के मालदा, बीरभूमि और आसनसोल में बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंच रहे हैं। जिनमें महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रह रही। तमिलनाडु में भी इसी तरह का उत्साह नजर आया। चेन्नई के थिरुवनमियूर में अभिनेता अजित कुमार मतदान करने पहुंचे। उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसकों की भीड़ जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

4 मई को मतगणना 

पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा (BJP) के बीच है। चुनाव आयोग द्वारा संवेदनशील बूथों पर वेबकास्टिंग के जरिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। राज्य की शेष 142 सीटों पर दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) गठबंधन और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) गठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। वहीं अभिनेता थलपति विजय की नई पार्टी TVK इस मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

294 विधानसभा सीट पर मतदान 

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 210 सामान्य, 68 अनुसूचित जाति और 10 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। राज्य में करीब 6.8 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें पांच लाख से अधिक पहली बार वोट डाल रहे हैं। वहीं 3.79 लाख मतदाता 85 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। राज्य में पिछले 14 वर्षों से सत्ता में काबिज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने इस बार भाजपा बड़ी चुनौती के रूप में खड़ी है। अगर टीएमसी इस चुनाव में जीत दर्ज करती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड बना सकती हैं।