Truck Accident: 12 की मौत, 29 घायल, सुबह सुबह मौत बनकर दौड़ा ओवरलोड ट्रक, माता के दर्शन को जा रहे श्रद्धालुओं को रौंदा, बैरिकेड तोड़ मंदिर में घुसा बेकाबू वाहन

Truck Accident:एक भीषण सड़क हादसे ने नवरात्रि की आस्था को मातम में बदल दिया। शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर धान से लदा एक ओवरलोड ट्रक मौत बनकर टूट पड़ा।

Gwalior Truck Crash Kills 12 Devotees
माता के दर्शन को जा रहे 12 श्रद्धालुओं की मौत- फोटो : social Media

Truck Accident: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने नवरात्रि की आस्था को मातम में बदल दिया। शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं पर धान से लदा एक ओवरलोड ट्रक मौत बनकर टूट पड़ा। बेकाबू ट्रक ने बैरिकेड तोड़ते हुए श्रद्धालुओं को कुचल दिया और मंदिर की बाहरी दीवार व गेट से जा टकराया। इस दर्दनाक हादसे में 12 लोगों की मौत की खबर है, जबकि करीब 29 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में पांच से छह लोगों की हालत गंभीर है। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। चारों तरफ अफरा-तफरी के बीच घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

रात डेढ़ बजे मौत बनकर आया ट्रक, श्रद्धालुओं को संभलने तक का मौका नहीं मिला

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा रविवार तड़के करीब एक बजे हुआ। श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे, तभी अचानक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक वहां पहुंच गया। ट्रक की चपेट में कई लोग आ गए। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने कई लोगों को मौके पर दम तोड़ते देखा। उसके मुताबिक, ट्रक में क्षमता से अधिक सामान लदा था और वाहन ने कुछ दुकानों तथा सड़क पर मौजूद लोगों को भी कुचल दिया। इस हादसे में प्रत्यक्षदर्शी के भाई को भी चोटें आई हैं।

बैरिकेड तोड़कर ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रक

ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, छिनोर की तरफ से आने वाली सड़क पर तेज ढलान है और वहां भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, रात करीब 1:30 बजे धान से लदा ट्रक वहां पहुंचा और पुलिस बैरिकेड्स तोड़ते हुए अनियंत्रित हो गया। इसके बाद ट्रक ढलान पर नीचे की ओर बढ़ा और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। सड़क पर मौजूद श्रद्धालु इसकी चपेट में आ गए।

हादसे में मौके पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस और प्रशासन अब इस बात की जांच में जुटे हैं कि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन कैसे पहुंचा और चालक ट्रक पर नियंत्रण क्यों नहीं रख सका।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश, RTO करेगी ट्रक की जांच

ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे हादसे की सूचना मिलते ही एंबुलेंस और अन्य राहत वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन की टीमें घायलों के इलाज और उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। अस्पताल में घायलों के सीटी स्कैन और एक्स-रे कराए जा रहे हैं, ताकि चोटों की गंभीरता का आकलन कर उचित इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

कलेक्टर ने बताया कि नवरात्रि के दौरान सड़क पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट मौजूद थे। ऐसे में ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा, यह जांच का अहम पहलू है। वाहन की तकनीकी स्थिति की पड़ताल के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की टीम को भी लगाया गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि ट्रक में कोई यांत्रिक खराबी आई थी या हादसे के पीछे कोई अन्य वजह थी।

अस्पताल में जिंदगी की जंग, प्रशासन अलर्ट

हादसे के बाद जिला कलेक्टर, एसएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जानकारी में 39 लोगों को अस्पताल ले जाने की बात सामने आई है। इनमें 12 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। पांच से छह गंभीर रूप से घायल मरीजों को विशेष चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।इस हृदयविदारक घटना ने नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं कि आखिर सुरक्षा इंतजामों के बावजूद मौत बनकर आया ट्रक श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंचा और इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार कौन है।