मोदी मंत्रिमंडल में होगा फेरबदल ! राष्ट्रपति से मिले अमित शाह, कैबिनेट में इन चेहरों को मिलेगी जगह

भाजपा और केंद्र सरकार के भीतर हाल के कुछ घटनाक्रमों ने संभावित बदलाव की चर्चाओं को बल दिया है, जिसमें मोदी कैबिनेट में फेरबदल सबसे प्रमुख है.

Modi cabinet reshuffle
Modi cabinet reshuffle- फोटो : news4nation

Modi cabinet reshuffle : केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। इससे दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्रपति से भेंट की थी। इन लगातार बैठकों को मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल की अटकलों से जोड़कर देखा जा रहा है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अमित शाह ने राष्ट्रपति मुर्मू से शिष्टाचार मुलाकात की। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। इसके बावजूद भाजपा और केंद्र सरकार के भीतर हाल के कुछ घटनाक्रमों ने संभावित बदलाव की चर्चाओं को बल दिया है।


दरअसल, हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने राज्यसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के साथ-साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी विभाग में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। भाजपा ने उन्हें दोबारा राज्यसभा नहीं भेजने का फैसला किया। जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार में एकमात्र ईसाई मंत्री थे और केरल में भाजपा के पुराने नेताओं में उनकी पहचान रही है। उनके बाहर होने के बाद मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।


इसी तरह रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा कार्यकाल भी 21 जून को समाप्त हो गया है। भाजपा ने उन्हें भी दोबारा राज्यसभा के लिए नामित नहीं किया है। ऐसे में उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं को इस तथ्य से भी बल मिला है कि कुछ केंद्रीय मंत्रियों को पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। हाल ही में केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया, जबकि वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई की कमान सौंपी गई है।


इन राज्यों पर नजर 

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि फेरबदल होता है तो उसमें आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखा जा सकता है। पश्चिम बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही युवा नेताओं, महिलाओं और नए सामाजिक समीकरणों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है।

 

संभावित फेरबदल

हालांकि भाजपा या सरकार की ओर से अभी तक किसी संभावित फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह की राष्ट्रपति से मुलाकात, कुछ मंत्रियों का राज्यसभा से बाहर होना तथा संगठनात्मक बदलावों ने यह संकेत जरूर दिया है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की टीम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।