Earthquake: देर रात कांपी धरती, भूकंप के झटकों से कांपा उत्तर भारत, घरों से बाहर निकल कर भागने लगे लोग

Earthquake: अचानक धरती डोलने से लोगों में दहशत फैल गई।...

Earthquake: देर रात कांपी धरती, भूकंप के झटकों से कांपा उत्त

Earthquake: अचानक धरती डोलने से लोगों में दहशत फैल गई।दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार देर रात  रात करीब 10 बजकर 23 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। दिल्ली और आसपास के इलाकों के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी भूकंप का असर महसूस किया गया। फिलहाल शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कहीं से जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई, जबकि भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे बताया गया है। भूकंप के झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए, जिसके बाद ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों में खासा खौफ देखने को मिला।

जब दिल्ली और एनसीआर में अधिकांश लोग दिनभर की भागदौड़ के बाद सोने की तैयारी में जुटे थे, तभी अचानक घरों और इमारतों में कंपन महसूस होने लगा। कई लोगों ने एहतियात के तौर पर परिवार के साथ घर से बाहर निकलना मुनासिब समझा। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के झटकों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, चमोली जिले में भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर थी। देहरादून समेत उत्तराखंड के कई इलाकों में भी झटके महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी तरह के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

इसी बीच असम में भी सुबह भूकंप के झटकों ने लोगों को हिला दिया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, असम के नगांव जिले में 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप सुबह 4 बजकर 23 मिनट 47 सेकंड पर आया। इसकी गहराई करीब 33 किलोमीटर बताई गई है।

एक ही दौर में देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंपीय गतिविधियां दर्ज होने से लोगों में प्राकृतिक आपदा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक किसी भूकंप के बाद नुकसान का आकलन स्थानीय परिस्थितियों और झटकों की तीव्रता पर निर्भर करता है। फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और चमोली में प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।