विपक्ष पर भड़के अमित शाह, बंद करें 'लापता' और 'भाग गया' बोलना, हर सवाल का संसद में जवाब देने को तैयार, गृह मंत्री ने चुनौती

गृह मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे बुधवार दोपहर 3 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दें और सरकार उसके बाद 24 घंटे तक इस मुद्दे के सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि वह खुद सदन में बैठें

Amit Shah
Amit Shah - फोटो : news4nation

Amit Shah :  संसद में जारी गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद को चलने नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह सत्र शुरू होने के बाद नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं, ऐसे में ‘लापता’ या ‘भाग गए’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल उचित नहीं है।


अमित शाह ने कहा कि विपक्ष की शुरुआती मांग NEET से जुड़े मुद्दे पर चर्चा कराने की थी और सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया था। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार NEET मामले पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है। चर्चा का समय तय करने और विपक्ष को इसके लिए तैयार रहने को भी कहा गया, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ने दे रहा है।


गृह मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि वे बुधवार दोपहर 3 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को पत्र दें और सरकार उसके बाद 24 घंटे तक इस मुद्दे के सभी पहलुओं पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा कि वह खुद सदन में बैठेंगे, विपक्ष की पूरी बात सुनेंगे और हर सवाल का जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।


अमित शाह ने कहा कि अब जनता को तय करने दिया जाना चाहिए कि संसद की कार्यवाही से कौन बच रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा नहीं चाहता। उनके मुताबिक, मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार किसी भी मुद्दे पर संसद में चर्चा करने को तैयार है और विपक्ष को केवल सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए।


संसद में जारी गतिरोध के कारण NEET समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव बना हुआ है। विपक्ष सरकार से इन मुद्दों पर जवाब और चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि वह चर्चा के लिए तैयार है। अमित शाह के ताजा बयान के बाद संसद में जारी गतिरोध को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।