पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे पर बड़ा खुलासा, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने तोड़ी चुप्पी, जानिए अलाइनमेंट चेंज का सच
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के अलाइनमेंट में बदलाव कराने के लगे कथित आरोपों पर उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी ने चुप्पी तोड़ते हुए इससे जुड़ा अपना पक्ष रखा है.
Patna Purnia Expressway: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के संरेखण (अलाइनमेंट) में बदलाव की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने भी इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी कर ऐसी रिपोर्टों को तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मीडिया और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्टों में दावा किया गया था कि समस्तीपुर जिले में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव किया गया है। हालांकि पथ निर्माण विभाग ने इन दावों का स्पष्ट रूप से खंडन किया है।
मूल संरेखण के अनुसार
दरअसल, इसे लेकर विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया है कि एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 48+000 से 53+000 के बीच संरेखण में किसी भी प्रकार का बदलाव या विचलन नहीं किया गया है। वर्तमान में चल रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी उसी मूल संरेखण के अनुसार की जा रही है, जिसे पहले स्वीकृति मिली थी।
उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रूट सामाजिक-आर्थिक कारकों, तकनीकी व्यवहार्यता और भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के आधार पर तय किया गया है। संरेखण को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, NHAI और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं की उच्चस्तरीय समिति द्वारा विस्तृत समीक्षा के बाद मंजूरी दी गई थी। समिति ने 15 जनवरी 2025 को इस रूट को अंतिम स्वीकृति प्रदान की थी।
दावों का खंडन
सचिव ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में रूट बदला गया है, लेकिन यह दावा पूरी तरह तथ्यों से परे है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 6 मार्च 2026 को जारी 3A अधिसूचना भी उसी मूल स्वीकृत संरेखण पर आधारित है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, एक्सप्रेसवे के कारण किसी शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचाने की बात भी गलत है। केएसआर कॉलेज का मुख्य भवन पूरी तरह सुरक्षित है और केवल उसकी कुछ खाली भूमि ही अधिग्रहण के दायरे में आ रही है।
विभाग ने यह भी बताया कि वर्तमान रूट का चयन करते समय मानवीय विस्थापन को न्यूनतम रखने का विशेष ध्यान रखा गया है। वर्तमान संरेखण से केवल 65 आवासीय और व्यावसायिक ढांचे प्रभावित हो रहे हैं, जबकि कथित वैकल्पिक रूट अपनाने पर 200 से अधिक भवनों के प्रभावित होने की संभावना थी।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को पूरी पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे भ्रामक खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें।
अभिजीत की रिपोर्ट